महाराष्ट्र के 36 जिलों में नियुक्त होंगे 72 सेवादूत, राज्यपाल ने किया वनार्टी के प्रकल्प का शुभारंभ

Vanarti Sevadoot project launch Pune Maharashtra: महाराष्ट्र के 36 जिलों में वनार्टी के सेवादूत प्रकल्प के तहत कुल 72 सेवादूत नियुक्त किए जाएंगे। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने पुणे में प्रकल्प का शुभारंभ किया। सेवादूत सरकारी योजनाओं, शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार की जानकारी पात्र विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों तक पहुंचाएंगे तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए उनका मार्गदर्शन करेंगे।
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महाराष्ट्र के 36 जिलों में नियुक्त किए जाएंगे 72 सेवादूत
Vanarti Sevadoot project launch Pune Maharashtra: पुणे, 31 अगस्त: विमुक्त जाति एवं घुमंतू जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों तक शासन की योजनाओं, प्रशिक्षण और रोजगार संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए वसंतराव नाईक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (‘वनार्टी’) के ‘सेवादूत’ प्रकल्प का शुभारंभ सोमवार को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के हाथों किया गया।
कार्यक्रम पुणे स्थित फर्ग्यूसन महाविद्यालय के एम्फीथिएटर सभागृह में आयोजित राज्यस्तरीय ‘भटके-विमुक्त दिवस’ के अवसर पर हुआ, जहां राज्यपाल ने ‘वनार्टी’ की जानकारी पुस्तिका का भी विमोचन किया। इस मौके पर सेवादूत प्रकल्प के तहत मीरा मोटे और सुनील पवार को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
कार्यक्रम में अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण, दुग्ध विकास, गैर-पारंपरिक ऊर्जा एवं दिव्यांग कल्याण मंत्री तथा ‘वनार्टी’ के अध्यक्ष अतुल सावे, विधायक नीलमताई गोऱ्हे, विभाग सचिव आप्पासो धुळाज, संचालक सोनाली मुळे, ‘वनार्टी’ के प्रबंध निदेशक प्रशांत वावगे और परियोजना अधिकारी डॉ. चेतन बन्सोड उपस्थित रहे।
सरकारी योजनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे सेवादूत
राज्य के 36 जिलों में कुल 72 सेवादूत नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए विमुक्त जाति एवं घुमंतू जनजाति वर्ग के महिला-पुरुष उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। सेवादूत योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाने, मार्गदर्शन करने तथा प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी देने का काम करेंगे। ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी की कमी दूर करने के लिए यह प्रकल्प सीधा संपर्क सूत्र बनेगा।
मंत्री अतुल सावे ने कहा, “36 जिलों में नियुक्त 72 सेवादूत योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाने के साथ पात्र लाभार्थियों को उचित मार्गदर्शन देंगे।” उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों के साथ प्रत्यक्ष जनसंपर्क पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी मिल सकेगी।
‘वनार्टी’, नागपुर के परियोजना अधिकारी डॉ. चेतन बन्सोड के अनुसार, इस प्रकल्प से संस्था के उपक्रम समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

