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नागपुर में 490 सरकारी आदिवासी छात्रावासों का करार रद्द करने की मांग, 10 दिन बाद आरएसएस मुख्यालय घेरने की चेतावनी

नागपुर में 490 सरकारी आदिवासी छात्रावासों का करार रद्द करने की मांग, 10 दिन बाद आरएसएस मुख्यालय घेरने की चेतावनी
Nagpur tribal hostels Mankar Trust contract protest: नागपुर में 490 सरकारी आदिवासी छात्रावासों का करार रद्द करने की मांग, 10 दिन बाद आरएसएस मुख्यालय घेरने की चेतावनी (Image: AI)

Nagpur tribal hostels Mankar Trust contract protest: नागपुर में आदिवासी अधिकार बचाव कृति समिति ने 490 सरकारी आदिवासी छात्रावासों के संचालन को लेकर मानकर ट्रस्ट के साथ किया गया करार रद्द करने की मांग की है। समिति ने सरकार को 10 दिन का समय दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर आरएसएस मुख्यालय का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से घेराव करने की चेतावनी दी गई है।

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Asfi Shadab
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490 सरकारी आदिवासी छात्रावासों का करार रद्द करने की मांग

Nagpur tribal hostels Mankar Trust contract protest: नागपुर, 31 अगस्त 2026: आदिवासी अधिकार बचाव कृति समिति ने महाराष्ट्र सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्व. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था (मानकर ट्रस्ट), नागपुर के साथ किया गया करार तत्काल रद्द किया जाए। यह करार राज्य के 490 सरकारी आदिवासी छात्रावासों के संचालन को लेकर किया गया है।

समिति के अनुसार, यदि तय अवधि में करार रद्द करने का ठोस और आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया, तो नागपुर स्थित आरएसएस (RSS) मुख्यालय का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से घेराव आंदोलन किया जाएगा।

समिति का कहना है कि आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा, पोषण, आवास, सुरक्षा और मूलभूत अधिकारों से जुड़ी व्यवस्था पूरी तरह विद्यार्थी-केंद्रित होनी चाहिए, और नीतियां संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 21 तथा 46 के अनुरूप होनी चाहिए। समिति ने 25 अप्रैल 2018 के डीबीटी (DBT) शासन निर्णय पर पुनर्विचार या उसे रद्द करने, तथा विद्यार्थियों को नियमित रूप से पर्याप्त व पौष्टिक भोजन देने की स्वतंत्र व्यवस्था की मांग भी की है।

10 दिन में फैसला नहीं तो आरएसएस मुख्यालय घेरने की चेतावनी

समिति ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक करार तक सीमित नहीं, बल्कि आदिवासी विद्यार्थियों के भविष्य और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। प्रस्तावित आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा।

आंदोलन को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, बिरसा मिसाइल फोर्स, बिरसा ब्रिगेड, आइसा (AISA), रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, बहुजन समाज पार्टी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) और आम आदमी पार्टी सहित कई संगठनों-दलों का समर्थन मिला है। समिति की संयोजक भावना इरपाची हैं, जबकि रजत महेशगवली, राकेश भलावी, रेखा कोराम सहित 13 अन्य सह-संयोजक हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार 10 दिन की तय समयसीमा में क्या फैसला लेती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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