मालदा के मानिकचक में सरकारी तिरपाल के बदले पैसे लेने का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Malda Manikchak Government Tarpaulin Distribution Corruption Allegation: मालदा के मानिकचक के भूतनी स्थित हीरानंदपुर इलाके में सरकारी राहत के तिरपाल के बदले 50 से 100 रुपये लेने का आरोप लगा है। आरोप एक निर्दलीय पंचायत सदस्य के पति पर है। मामले से जुड़ा बताया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने मामले की पूरी जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
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सरकारी तिरपाल के बदले पैसे लेने के आरोप से मचा हड़कंप
Malda Manikchak Government Tarpaulin Distribution Corruption Allegation: मालदा जिले के मानिकचक ब्लॉक में एक निर्दलीय पंचायत सदस्य के पति पर सरकारी तिरपाल पैसे लेकर बांटने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
घटना मानिकचक के भूतनी क्षेत्र के हिरानंदपुर इलाके की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में गंगा भांगन (कटाव) प्रभावित इलाके के लोग पंचायत सदस्य के पति से सरकारी राहत तिरपाल लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें एक तिरपाल के बदले 50 से 100 रुपये तक चुकाने पड़े। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
वीडियो में पंचायत सदस्य के पति निमाई महातो को एक रजिस्टर में तिरपाल पाने वालों के नाम दर्ज करते देखा जा सकता है। आरोप है कि इसी दौरान उनसे पैसे भी मांगे जा रहे थे। यह मामला सामने आते ही मानिकचक के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।



भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने की पूरे मामले की जांच की मांग
मानिकचक विधानसभा से भाजपा विधायक गौड़चंद्र मंडल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “तृणमूल के शासनकाल में पंचायत सदस्य से लेकर प्रधान तक ने लूटराज चलाया। भाजपा के शासन में हम ऐसा नहीं होने देंगे। यह जनता की सरकार है। जो भी कमीशनखोरी में शामिल पाया जाएगा, वह जेल जाएगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ है, हमने मामला देखा है, इसकी जांच होगी। प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया गया है।”
वहीं तृणमूल कांग्रेस नेता विश्वजीत घोष ने कहा, “निर्दलीय पंचायत सदस्य इस तरह सरकारी तिरपाल लोगों से पैसे लेकर बेच रही हैं। हम इसकी पूर्ण जांच की मांग करते हैं और उपयुक्त कानून के तहत कठोरतम सज़ा की मांग करते हैं।”
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ पाएगी।



रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

