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नागपुर में आदिवासी समाज का मोर्चा, मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग

नागपुर में आदिवासी समाज का मोर्चा, मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग
Nagpur Adivasi protest snakebite death compensation demand: नागपुर में आदिवासी समाज का मोर्चा, मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग (Photo: RB / Jassi)

Nagpur Adivasi protest snakebite death compensation demand: नागपुर में आदिवासी समाज ने सोमवार को मोर्चा निकालकर सर्पदंश से जान गंवाने वाले बच्चों और अन्य मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। समाज ने पांच लाख रुपये की सहायता को पर्याप्त नहीं बताया। इसके साथ शिक्षा, रोजगार और छात्रावास से जुड़ी समस्याएं उठाते हुए जल्द कार्रवाई की मांग भी की गई।

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Asfi Shadab
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एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग को लेकर आदिवासी समाज का मोर्चा

Nagpur Adivasi protest snakebite death compensation demand: नागपुर में सोमवार को आदिवासी समुदाय ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा निकाला और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। समाज की प्रमुख मांग है कि सर्पदंश से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों और अन्य मृतकों के परिवारों को सरकार एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है, “सर्पदंश की घटनाओं में कई आदिवासी परिवारों ने अपने बच्चों और परिजनों को खोया है। ऐसे परिवारों को केवल पांच लाख रुपये की सहायता देना पर्याप्त नहीं है।”

आदिवासी प्रतिनिधियों के अनुसार, सरकार ने मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये सहायता देने का आश्वासन दिया है, लेकिन समाज प्रति परिवार एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर अड़ा है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग एकत्र हुए और मोर्चा निकाला।

शिक्षा, रोजगार और छात्रावास की समस्याओं पर भी उठाई आवाज

मुआवजे के अलावा प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा, रोजगार, छात्रावास और आदिवासी विद्यार्थियों से जुड़ी मांगें भी उठाईं। आरोप है कि आदिवासी छात्रावासों को खाली कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के रहने और पढ़ाई की समस्या खड़ी हो रही है। समाज ने इस कार्रवाई को तुरंत रोकने और बेहतर सुविधाएं देने की मांग की।

आदिवासी प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। मोर्चे में बड़ी संख्या में आदिवासी नागरिक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

आगे प्रशासन की ओर से इन मांगों पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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