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नागपुर विश्वविद्यालय में शुरू होगा कुलपति पदक, राज्यपाल ने दिए 10 लाख रुपये

नागपुर विश्वविद्यालय में शुरू होगा कुलपति पदक, राज्यपाल ने दिए 10 लाख रुपये
Nagpur University Kulpati Medal 10 Lakh Grant: नागपुर विश्वविद्यालय में शुरू होगा कुलपति पदक, राज्यपाल ने दिए 10 लाख रुपये Photo: RB / Jassi)

नागपुर विश्वविद्यालय कुलपति पदक के लिए 10 लाख रुपये का अनुदान: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सर्वांगीण उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए ‘कुलपति पदक’ शुरू किया जाएगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर को 10 लाख रुपये का सांकेतिक चेक दिया। पदक में पढ़ाई के साथ नेतृत्व, खेल, नवाचार, संस्कृति, सामाजिक सेवा और विश्वविद्यालय के लिए विशेष योगदान को महत्व मिलेगा।

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Asfi Shadab
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विद्यार्थियों की हर क्षेत्र की प्रतिभा को मिलेगा सम्मान

नागपुर विश्वविद्यालय कुलपति पदक के लिए 10 लाख रुपये का अनुदान: नागपुर, 2 सितंबर 2026: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों की सर्वांगीण प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए ‘कुलपति पदक’ प्रदान किया जाएगा। राज्यपाल एवं राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा की इस पहल के तहत बुधवार को मुंबई स्थित लोकभवन में राज्यपाल ने कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर को 10 लाख रुपये का सांकेतिक चेक सौंपा।

इसी अवसर पर ‘इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एंड डिजिटल लर्निंग इंडस्ट्री-अकादमिया कोलैबोरेशन फॉर इम्प्रूविंग एम्प्लॉयबिलिटी’ उपक्रम का भी शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ, नवाचार-अनुसंधान विभाग के प्रभारी संचालक डॉ. प्रकाश ईटणकर, खेल एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. संभाजी भोसले तथा स्वयंसिद्धा नोडल अधिकारी डॉ. शालिनी लिहितकर उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यह पदक केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नेतृत्व क्षमता, नवाचार, खेल-सांस्कृतिक उपलब्धियों, सामाजिक प्रतिबद्धता और विश्वविद्यालय के प्रति विशेष योगदान को भी मान्यता देगा। उन्होंने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण मानदंड अपनाने पर जोर दिया।

रोजगार और आधुनिक कौशल से जोड़ने पर दिया गया जोर

उन्होंने विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत से निकटता बढ़ाने की सलाह दी, ताकि पाठ्यक्रम, कौशल विकास, इंटर्नशिप और अनुसंधान बाजार की जरूरतों के अनुरूप बन सकें। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को बुनियादी दक्षता देने की आवश्यकता बताई।

महाराष्ट्र के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में इस उपक्रम के लिए नागपुर विश्वविद्यालय का चयन हुआ है। विश्वविद्यालय परिवार ने इसे गर्व का विषय बताते हुए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।

अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ‘कुलपति पदक’ के लिए चयन मानदंड कब और किस रूप में तय करता है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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