डेंगू पर बंगाल सरकार सख्त, फीवर कैंप और मुफ्त जांच का ऐलान

बंगाल में डेंगू रोकथाम के लिए आपातकालीन दिशानिर्देश जारी। घर-घर सर्वे से लेकर फीवर कैंप तक जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा मामले।
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राज्य सरकार ने जारी किए आपातकालीन निर्देश
पश्चिम बंगाल में डेंगू और मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की स्वास्थ्य भवन में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के महज 24 घंटे के भीतर ही सरकार हरकत में आ गई और डेंगू रोकथाम के लिए आपातकालीन दिशानिर्देश जारी कर दिए गए। घर-घर सर्वेक्षण से लेकर फीवर कैंप और मुफ्त जांच तक, सरकार ने इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी है। आइए जानते हैं इन नए निर्देशों में क्या-क्या शामिल है और राज्य में डेंगू की मौजूदा स्थिति कैसी है।
आशा कार्यकर्ता करेंगी घर-घर सर्वेक्षण
नए नियमों के तहत, आशा कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगी। राज्य में कहीं भी 48 घंटे या उससे अधिक समय से बुखार होने का मामला सामने आने पर वे तुरंत इसकी रिपोर्ट करेंगी। यह विशेष अभियान आगामी 15 अक्टूबर (दुर्गा पूजा की पंचमी) तक जारी रहेगा।
हॉटस्पॉट इलाकों में लगेंगे फीवर कैंप
दूसरी अहम व्यवस्था के तहत, राज्य के जिन इलाकों में बुखार के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं (हॉटस्पॉट्स), वहां सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ‘फीवर कैंप’ आयोजित किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन कैंपों के जरिए मरीजों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में होगी एलाइजा जांच
तीसरे निर्देश के तहत, राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू की एलाइजा जांच की उचित व्यवस्था की जाएगी। जिन क्षेत्रों में सरकारी स्तर पर यह सुविधा तुरंत उपलब्ध नहीं होगी, वहां निजी प्रयोगशालाओं (प्राइवेट लैब्स) की मदद ली जाएगी। सरकार ने इन निजी लैब्स से अनुरोध किया है कि वे ऐसे मरीजों का टेस्ट मुफ्त में या बेहद कम दरों पर करें। इसके साथ ही, होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे डेंगू मरीजों की सेहत की भी नियमित निगरानी की जाएगी।
128 नगर निकायों में चलेगा सफाई अभियान
नगर निकाय (शहरी विकास) मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने घोषणा की है कि आज से शनिवार तक राज्य के 128 नगर निकायों (नगर पालिकाओं) में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा।
मुर्शिदाबाद डेंगू के मामलों में सबसे आगे
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार (26 अगस्त की नवीनतम साप्ताहिक आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक), बंगाल में डेंगू संक्रमण के मामलों में मुर्शिदाबाद जिला (774 मामलों के साथ) शीर्ष पर बना हुआ है। कोलकाता (340 मामले) दूसरे स्थान पर है, उत्तर 24 परगना (317 मामले) तीसरे स्थान पर, मालदा (309 मामले) चौथे स्थान पर और दक्षिण 24 परगना (297 मामले) पांचवें स्थान पर है। संक्रमण के लिहाज से अगले पांच प्रभावित जिलों में नदिया, हुगली, हावड़ा, पूर्व और पश्चिम बर्धमान शामिल हैं। राज्य में अब तक डेंगू के कुल मामलों की संख्या साढ़े चार हजार के करीब पहुंच चुकी है।
मलेरिया के भी 7,500 से ज्यादा मामले
इसके अतिरिक्त, मलेरिया के भी 7,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अकेले ‘वाइवैक्स’ मलेरिया के साढ़े छह हजार मामले हैं। पुरुलिया, मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में मलेरिया का प्रकोप सबसे ज्यादा है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

