नागपुर के जलालखेड़ा में 50 पशुपालकों को 3 हजार बहुवर्षीय चारा पौधों का वितरण

जलालखेड़ा में चारा पौधों का वितरण: जलालखेड़ा के पशु चिकित्सा केंद्र में तैयार 3 हजार बहुवर्षीय चारा पौधे 50 पशुपालकों को वितरित किए गए। बीएचएन-10, बीएचएन-6 और ऑस्ट्रेलियन रेड नेपियर पौधों का वितरण हुआ। अल नीनो के संभावित प्रभाव से चारा कमी रोकने के लिए यह पहल की गई। पशुपालकों को कांटारहित कैक्टस चारे की जानकारी भी दी गई और बहुवर्षीय चारा खेती अपनाने का आग्रह किया गया।
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जलालखेड़ा में पशुपालकों को चारा पौधों का वितरण
जलालखेड़ा में चारा पौधों का वितरण: नागपुर, 5 सितंबर: नरखेड़ तहसील के पशु चिकित्सा केंद्र, जलालखेड़ा में 50 पशुपालकों को बहुवर्षीय चारा फसलों के 3 हजार पौधों का वितरण किया गया। यह पहल अल नीनो के संभावित प्रभावों से उत्पन्न होने वाली चारा कमी से निपटने के लिए की गई।
पशुओं को वर्षभर पर्याप्त हरा और सूखा चारा मिलने से उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, गाय-भैंस समय पर मद में आती हैं और दुग्ध उत्पादन भी बढ़ता है।
पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय विभाग के उपायुक्त डॉ. नितीन फुके ने पर्याप्त जगह और बारहमासी पानी की सुविधा वाले पशु चिकित्सा केंद्रों में चारा बाग विकसित करने के निर्देश पहले ही दिए थे। इसी क्रम में नागपुर जिले के विभिन्न केंद्रों में चारा बाग तैयार किए गए।
जलालखेड़ा केंद्र में अनिल इंगोले ने गर्मी के मौसम में चारा बाग तैयार किया, जिसमें बीएचएन-10, बीएचएन-6 और ऑस्ट्रेलियन रेड नेपियर प्रजातियों के पौधे उगाए गए।
बहुवर्षीय चारा खेती से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन
कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक आयुक्त पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय, नरखेड़ डॉ. मुकिंदा जोगेकर ने की। स्व. वसंतराव नाईक स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष एडवोकेट निलेश हेलोंडे भी उपस्थित रहे। पशु चिकित्सक डॉ. स्वप्नील रेवतकर, डॉ. राजेश भंदीरगे और डॉ. सुचिता उके ने हेलोंडे द्वारा उपलब्ध कराई गई कांटारहित कैक्टस चारा फसल की जानकारी पशुपालकों को दी। हेलोंडे ने पशुपालकों से बहुवर्षीय चारा खेती अपनाने का आह्वान किया और आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में सरपंच मयूर सोनवणे, कुलदीप हिवरकर, प्रवीण लोहे सहित बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे। आभार डॉ. सुचिता उके ने माना।
आने वाले समय में जिले के अन्य पशु चिकित्सा केंद्रों में भी इसी तरह के चारा बाग विकसित कर पशुपालकों को लाभान्वित किए जाने की योजना है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

