नागपुर की डॉ. प्रेमलता तिवारी सेंट्रल रेलवे की यौन उत्पीड़न निरोधक समिति की सदस्य नियुक्त

डॉ. प्रेमलता तिवारी सेंट्रल रेलवे यौन उत्पीड़न निरोधक समिति नियुक्ति: नागपुर की डॉ. प्रेमलता तिवारी को 29 अगस्त 2026 को सेंट्रल रेलवे की यौन उत्पीड़न निरोधक समिति में सदस्य नियुक्त किया गया। वे 30 वर्षों से समाजसेवा और एक दशक से अधिक समय से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इससे पहले वे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की समिति में करीब 10 वर्षों तक सदस्य रह चुकी हैं।
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महिला सुरक्षा के क्षेत्र में डॉ. तिवारी का अनुभव
डॉ. प्रेमलता तिवारी सेंट्रल रेलवे यौन उत्पीड़न निरोधक समिति नियुक्ति: नागपुर। राज्य सरकार से आदर्श शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. प्रेमलता तिवारी को 29 अगस्त 2026 को सेंट्रल रेलवे की यौन उत्पीड़न निरोधक समिति सेक्सुअल हैरेसमेंट कमिटी (Sexual Harassment Committee) में सदस्य नियुक्त किया गया है। समाजसेवा एवं महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को यह सम्मान दिया गया है। इस नियुक्ति से सामाजिक एवं महिला संगठनों में हर्ष का माहौल है।
डॉ. तिवारी को महिला सुरक्षा एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान से जुड़े विषयों में एक दशक से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की यौन उत्पीड़न निरोधक समिति में करीब 10 वर्षों तक सदस्य रह चुकी हैं। इस दौरान उनके कार्य, सक्रिय सहभागिता और संवेदनशीलता को देखते हुए ही सेंट्रल रेलवे ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
सेंट्रल रेलवे में मिली नई जिम्मेदारी
डॉ. तिवारी पिछले 30 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे नारायणी शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्षा हैं और महिला सशक्तीकरण व सामाजिक जागरूकता के लिए लगातार काम करती रही हैं।
नियुक्ति पर डॉ. प्रेमलता तिवारी ने सेंट्रल रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक डीआरएम (DRM) के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, “समिति द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन मैं पूरी निष्पक्षता, संवेदनशीलता, गोपनीयता, गरिमा और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करूंगी।”
उनकी नियुक्ति पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, संगठनों और शैक्षणिक संस्थाओं ने उन्हें बधाई दी है। आने वाले समय में समिति के कामकाज पर उनकी भूमिका को लेकर सामाजिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

