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सुबह उठते ही मोबाइल देखने की लत बन सकती है जानलेवा, जानें कैसे आपके दिल को पहुंचा रही नुकसान

सुबह उठते ही मोबाइल देखने की लत बन सकती है जानलेवा, जानें कैसे आपके दिल को पहुंचा रही नुकसान
Health Risks of using mobile in the morning: सुबह उठते ही मोबाइल चेक करने की आदत दिल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। जानें 'मॉर्निंग सर्ज' का सच और हार्ट अटैक के खतरे से बचने के आसान उपाय।(File photo)

सुबह उठते ही मोबाइल चेक करने की आदत दिल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। जानें 'मॉर्निंग सर्ज' का सच और हार्ट अटैक के खतरे से बचने के आसान उपाय।

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Shinki Singh
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तेजी से बढ़ रहा है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा

सुबह आंख खुलते ही स्मार्टफोन का अलार्म बंद कर स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चेक करने की आदत आपकी सेहत और दिल के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। यह देखने में भले ही एक आम रूटीन लगे लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह आपके शरीर को अनजाने में ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में डालकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देती है।

शरीर का ‘मॉर्निंग सर्ज’ और दिल का खतरा

सोकर उठने के बाद शरीर को पूरी तरह सक्रिय होने में थोड़ा वक्त लगता है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर में प्राकृतिक रूप से कॉर्टिसोल हॉर्मोन, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कनें धीरे-धीरे बढ़ती हैं। मेडिकल भाषा में शरीर की इस नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक प्रोसेस को ‘मॉर्निंग सर्ज’ कहा जाता है। यही मुख्य वजह है कि ज्यादातर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले सुबह 6 से 10 बजे के बीच दर्ज किए जाते हैं।

‘फाइट या फ्लाइट’ मोड और एड्रिनलिन हॉर्मोन

जैसे ही आप सुबह-सुबह नींद से जागते ही तनावभरे मेल, मैसेज या सोशल मीडिया नोटिफिकेशन देखने लगते हैं आपका नर्वस सिस्टम अचानक सतर्क हो जाता है।

  • एड्रिनलिन का तेजी से बढ़ना: दिमाग तुरंत शरीर को ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में भेज देता है जिससे एड्रिनलिन हॉर्मोन तेजी से रिलीज होता है।

  • नसें सिकुड़ना: अचानक तनाव मिलने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं।

  • ब्लड प्रेशर स्पाइक: दिल की धड़कन और बीपी अचानक बहुत बढ़ जाता है।

  • लंबा नुकसान: रोजाना यह चक्र दोहराने से शरीर को शांत होने का मौका नहीं मिलता जिससे एंग्जायटी और दिल की बीमारियों का खतरा स्थाई रूप से बढ़ जाता है।

बचाव के आसान और असरदार उपाय

  • 15-20 मिनट का गैप दें: सोकर उठने के कम से कम 15 से 20 मिनट बाद तक स्मार्टफोन की स्क्रीन को बिल्कुल न देखें।

  • एनालॉग अलार्म क्लॉक अपनाएं: मोबाइल में अलार्म लगाने के बजाय टेबल पर रखी सादी अलार्म घड़ी का इस्तेमाल करें ताकि सुबह फोन उठाने की मजबूरी न रहे।

  • प्राकृतिक शुरुआत करें: उठते ही एक गिलास पानी पिएं खिड़की से बाहर देखें या हल्का स्ट्रेच करें। शरीर को अपनी स्वाभाविक गति से जागने का समय दें।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।