सुबह उठते ही मोबाइल देखने की लत बन सकती है जानलेवा, जानें कैसे आपके दिल को पहुंचा रही नुकसान

सुबह उठते ही मोबाइल चेक करने की आदत दिल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। जानें 'मॉर्निंग सर्ज' का सच और हार्ट अटैक के खतरे से बचने के आसान उपाय।
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तेजी से बढ़ रहा है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
सुबह आंख खुलते ही स्मार्टफोन का अलार्म बंद कर स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चेक करने की आदत आपकी सेहत और दिल के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। यह देखने में भले ही एक आम रूटीन लगे लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह आपके शरीर को अनजाने में ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में डालकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देती है।
शरीर का ‘मॉर्निंग सर्ज’ और दिल का खतरा
सोकर उठने के बाद शरीर को पूरी तरह सक्रिय होने में थोड़ा वक्त लगता है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर में प्राकृतिक रूप से कॉर्टिसोल हॉर्मोन, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कनें धीरे-धीरे बढ़ती हैं। मेडिकल भाषा में शरीर की इस नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक प्रोसेस को ‘मॉर्निंग सर्ज’ कहा जाता है। यही मुख्य वजह है कि ज्यादातर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले सुबह 6 से 10 बजे के बीच दर्ज किए जाते हैं।
‘फाइट या फ्लाइट’ मोड और एड्रिनलिन हॉर्मोन
जैसे ही आप सुबह-सुबह नींद से जागते ही तनावभरे मेल, मैसेज या सोशल मीडिया नोटिफिकेशन देखने लगते हैं आपका नर्वस सिस्टम अचानक सतर्क हो जाता है।
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एड्रिनलिन का तेजी से बढ़ना: दिमाग तुरंत शरीर को ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में भेज देता है जिससे एड्रिनलिन हॉर्मोन तेजी से रिलीज होता है।
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नसें सिकुड़ना: अचानक तनाव मिलने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं।
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ब्लड प्रेशर स्पाइक: दिल की धड़कन और बीपी अचानक बहुत बढ़ जाता है।
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लंबा नुकसान: रोजाना यह चक्र दोहराने से शरीर को शांत होने का मौका नहीं मिलता जिससे एंग्जायटी और दिल की बीमारियों का खतरा स्थाई रूप से बढ़ जाता है।
बचाव के आसान और असरदार उपाय
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15-20 मिनट का गैप दें: सोकर उठने के कम से कम 15 से 20 मिनट बाद तक स्मार्टफोन की स्क्रीन को बिल्कुल न देखें।
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एनालॉग अलार्म क्लॉक अपनाएं: मोबाइल में अलार्म लगाने के बजाय टेबल पर रखी सादी अलार्म घड़ी का इस्तेमाल करें ताकि सुबह फोन उठाने की मजबूरी न रहे।
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प्राकृतिक शुरुआत करें: उठते ही एक गिलास पानी पिएं खिड़की से बाहर देखें या हल्का स्ट्रेच करें। शरीर को अपनी स्वाभाविक गति से जागने का समय दें।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

