जमीन घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को 8 दिन की पुलिस रिमांड

मेदिनीपुर जिला अदालत ने जमीन घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जानिए मामले से जुड़ी पूरी अपडेट।
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मेदिनीपुर जिला अदालत का बड़ा फैसला
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में मेदिनीपुर जिला अदालत ने एक बड़े जमीन घोटाले के मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव (PA) सुमित रॉय को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। अदालत के इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जांच एजेंसी द्वारा सुमित रॉय को कोर्ट में पेश किया गया और मामले की गहराई से तहकीकात करने के लिए रिमांड की मांग की गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी के बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में सुमित रॉय की जमानत के लिए कोई औपचारिक अर्जी दाखिल नहीं की।
जमीन घोटाले के तार और जांच का दायरा
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर और आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपये की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त और वित्तीय धांधली से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस घोटाले के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है जिसके तार कई प्रभावशाली लोगों से जुड़े हो सकते हैं। सुमित रॉय की गिरफ्तारी और उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े कई अहम राज और दस्तावेजों का खुलासा हो सकेगा।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार सत्तारूढ़ दल पर हमलावर है जबकि टीएमसी इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और विपक्षी आवाज़ों को दबाने की कोशिश बता रही है। आने वाले आठ दिनों की पुलिस हिरासत के दौरान सुमित रॉय से होने वाली पूछताछ कई बड़े खुलासे कर सकती है जिस पर राज्यभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

