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कोलकाता नगर निगम की लैब पर भारी दबाव, राज्यभर से आए 600 से ज्यादा खाद्य नमूनों की जांच अटकी

कोलकाता नगर निगम की लैब पर भारी दबाव, राज्यभर से आए 600 से ज्यादा खाद्य नमूनों की जांच अटकी
Kolkata Municipal Corporation Food Testing Lab: कोलकाता नगर निगम की लैब पर 19 जिलों से आए 600 से ज्यादा खाद्य नमूनों का दबाव सिर्फ 12 कर्मचारियों के भरोसे जांच जानें पूरी जानकारी। (Image : AI)

कोलकाता नगर निगम की लैब पर 19 जिलों से आए 600 से ज्यादा खाद्य नमूनों का दबाव सिर्फ 12 कर्मचारियों के भरोसे जांच जानें पूरी जानकारी।

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Shinki Singh
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19 जिलों के खाद्य नमूने, सिर्फ 12 कर्मचारी

पश्चिम बंगाल के विभिन्न होटल, रेस्तरां, दुकानों और मिठाई की दुकानों से भोजन और खाद्य सामग्री के नमूने नगर निगम की खाद्य सुरक्षा टीम ने एकत्र किए हैं। पिछले एक हफ्ते चले अभियान के दौरान ऐसे 101 नमूने जुटाए गए हैं जिनकी जांच कोलकाता नगर निगम की आधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में की जाएगी। लेकिन यह जिम्मेदारी सिर्फ कोलकाता नगर निगम तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार राज्य के 19 जिलों में चलाए गए सुरक्षा अभियानों के दौरान इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच का जिम्मा भी कोलकाता नगर निगम पर आ गया है।

महज 12 कर्मचारियों के कंधों पर जिम्मेदारी

राज्य के कुल 19 जिलों से भोजन और मसालों के छह सौ से अधिक नमूने कोलकाता पहुंचे हैं जिनकी जांच के लिए केवल 12 लैब कर्मी उपलब्ध हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोलकाता नगर निगम के अलावा सरकारी स्तर पर इस तरह की आधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं पूरे राज्य में गिने-चुने स्थानों पर ही हैं। एकमात्र सिलीगुड़ी में ऐसी एक प्रयोगशाला मौजूद है, जिसके चलते कोलकाता के साथ-साथ उपनगरों और दक्षिण बंगाल के कई जिलों के नमूनों की जांच की जिम्मेदारी भी कोलकाता नगर निगम पर ही आ जाती है।

कैसे होगा इतना बड़ा काम

निगम अधिकारियों का कहना है कि इतने कम कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में नमूनों की त्वरित जांच करना मुश्किल है खासकर तब जब नियमित निरीक्षण का काम भी साथ-साथ चल रहा है और त्योहारी सीजन के मद्देनजर अभियान भी जारी रहने वाले हैं। आधुनिक मोबाइल वैन प्रयोगशालाओं में सभी तरह के परीक्षण संभव नहीं होते इसलिए खाद्य नमूनों को आगे की जांच के विभिन्न चरणों के लिए मुख्य प्रयोगशाला में लाना ही पड़ता है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अकेले कोलकाता नगर निगम क्षेत्र से मिले नमूनों की जांच करने में ही एक से डेढ़ सप्ताह का समय लग जाएगा। ऐसे में आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी सभी जिलों से आए इतनी भारी मात्रा में नमूनों की जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।