खाद्य सुरक्षा अभियान का असर, एक हफ्ते में 1,000 दुकानदारों ने किया लाइसेंस के लिए आवेदन

दक्षिण 24 परगना में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी से दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। बिना लाइसेंस चल रही 11 दुकानें सील हुई हैं और एक हफ्ते के भीतर 1,000 दुकानदारों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
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दक्षिण 24 परगना में खाद्य सुरक्षा अभियान का असर
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियान से खाद्य कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है। बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के धड़ल्ले से होटल, रेस्टोरेंट और दुकानें चलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्थिति यह है कि पिछले महज एक सप्ताह के भीतर दक्षिण 24 परगना स्वास्थ्य जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग के पास लाइसेंस और पंजीकरण के लिए लगभग 1,000 दुकानदारों ने नए आवेदन किए हैं।
350 से ज्यादा दुकानों पर छापेमारी और 11 सील
विभागीय अधिकारियों की विशेष टीमों ने पिछले एक हफ्ते में जिलेभर में 350 से अधिक खाद्य दुकानों और प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि करीब 100 से ज्यादा दुकानों के पास वैध लाइसेंस नहीं था। नियमों का उल्लंघन करने वाली 11 दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि लगभग 250 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। छापेमारी के डर से वे व्यापारी भी अब खुद लाइसेंस बनवाने के लिए आगे आ रहे हैं जो लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के काम चला रहे थे।
भारी मात्रा में अस्वच्छ खाद्य सामग्री जब्त
अभियान के दौरान प्रशासनिक टीमों ने भारी मात्रा में अमानक और बासी खाद्य सामग्री को जब्त कर नष्ट किया। जब्त किए गए और फेंके गए सामानों में सबसे अधिक 75 किलोग्राम बिरयानी और दूसरे स्थान पर 47 किलोग्राम रसगुल्ला शामिल था। प्रशासन का उद्देश्य आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसना है।
50 हजार का जुर्माना
कार्रवाई के दायरे में आई एक प्रमुख मिठाई की दुकान के मालिक को जिला प्रशासन कार्यालय तलब किया गया। दुकान का लाइसेंस न होने और वहां बासी मिठाइयां पाए जाने पर उस पर 50 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह दुकानदार अपनी बुनियादी व्यवस्थाओं को सुधारकर वैध लाइसेंस नहीं ले लेता तब तक उसकी दुकान दोबारा नहीं खुलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिल सकें।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

