West Bengal Ration Card News: बंगाल में मुफ्त चावल पाने वाले 50 लाख कार्डधारकों की जांच शुरू, अपात्रों पर गिरेगी गाज

West Bengal Ration Card News: पश्चिम बंगाल में आरकेएसवाई-2 कार्डधारकों के लिए बड़ा अपडेट। जानिए 50 लाख उपभोक्ताओं के भौतिक सत्यापन और 31 जुलाई के आदेश से जुड़ी हर अहम बात।
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किन उपभोक्ताओं का होगा फिजिकल वेरिफिकेशन, जानें पूरी डिटेल
West Bengal Ration Card News: राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (आरकेएसवाई-2) के दायरे में आने वाले राशन कार्ड धारकों का फिजिकल वेरिफिकेशन करने का सख्त निर्देश खाद्य विभाग की ओर से जारी किया गया है। इस प्रक्रिया के दायरे में राज्यभर के लगभग 50 लाख राशन कार्डधारक आएंगे। इन उपभोक्ताओं को हर महीने प्रति व्यक्ति दो किलोग्राम चावल पूरी तरह मुफ्त में दिया जाता है।
अपात्रों को हटाने की दिशा में बड़ा कदम
राज्य के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों का मुफ्त राशन का लाभ उठाना सही नहीं है। हालांकि संपन्न लोगों को अलग करने के लिए किसी खास मानदंड को लेकर उन्होंने अभी तक स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है। ऐसे में खाद्य विभाग द्वारा शुरू की गई यह ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया एक बेहद अहम कदम मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल में राशन उपभोक्ताओं का गणित
राज्य में फिलहाल कुल राशन उपभोक्ताओं की संख्या करीब 8 करोड़ 73 लाख है। इनमें से 6 करोड़ से अधिक उपभोक्ता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं, जिन्हें केंद्र सरकार मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। बाकी राशन कार्डधारक राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आते हैं। आरकेएसवाई के पहले चरण के तहत करीब 2 करोड़ 23 लाख राशन कार्डधारक आते हैं जिन्हें हर महीने प्रति व्यक्ति पांच किलो चावल मुफ्त मिलता है। फिलहाल इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को मौजूदा सत्यापन प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
अधिकारियों को जल्द जांच पूरी करने के निर्देश
खाद्य विभाग के अतिरिक्त सचिव द्वारा पिछले 31 जुलाई को डीडीपीएस के निदेशक और राशनिंग निदेशक को भेजे गए निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि आरकेएसवाई-2 श्रेणी के उपभोक्ताओं का भौतिक सत्यापन कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। विभाग के तय दिशा-निर्देशों के आधार पर ही यह जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

