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सुंदरवन के विकास को रफ्तार, 1000 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

सुंदरवन के विकास को रफ्तार, 1000 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
Sunderban development projects: सुंदरवन के 19 ब्लॉकों में 1000 करोड़ की लागत से शुरू होंगे 500 विकास प्रोजेक्ट्स। उत्तर और दक्षिण 24 परगना में सड़क, सुरक्षा बांध और पुलों का निर्माण होगा शुरू।(Image: AI)

सुंदरवन के 19 ब्लॉकों में 1000 करोड़ की लागत से शुरू होंगे 500 विकास प्रोजेक्ट्स। उत्तर और दक्षिण 24 परगना में सड़क, सुरक्षा बांध और पुलों का निर्माण होगा शुरू।

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Shinki Singh
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पश्चिम बंगाल सरकार ने सुंदरवन क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए बड़ा कदम उठाया है। इलाके की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने लगभग 1000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। उत्तर 24 परगना के 6 और दक्षिण 24 परगना के 13 यानी कुल 19 ब्लॉकों में व्यापक स्तर पर विकास कार्य शुरू होने जा रहे हैं। सुंदरवन विकास विभाग की ओर से पुराने और नए प्रोजेक्ट्स को मिलाकर करीब 500 योजनाएं गोसाबा, सागर और संदेशखाली सहित विभिन्न ब्लॉकों में लागू की जाएंगी। इन कार्यों में मुख्य रूप से सड़कें, सुरक्षा बांध और छोटे पुलों का निर्माण शामिल है

जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

इन तमाम परियोजनाओं की विस्तृत डीपीआर तैयार की जा रही है और कुछ ही दिनों में टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आगामी दुर्गा पूजा के बाद निर्माण कार्य पूरी गति से जमीन पर उतरेंगे। कुछ समय पहले सुंदरवन विकास विभाग के राज्य मंत्री दीपंकर जाना ने बताया था कि विभिन्न ब्लॉकों से करीब 1900 करोड़ रुपये की परियोजनाएं विभाग को प्राप्त हुई थीं जबकि विभाग का कुल बजट 1280 करोड़ रुपये निर्धारित है। जनहित और स्थानीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए फाइलों को आगे बढ़ाया गया ताकि कम समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसी रणनीति के तहत शुरुआती चरण में 500 सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को चुना गया है जिन पर लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

काकद्वीप और गोसाबा में इन अहम कामों को मिलेगी गति

शुरुआती चरण के तहत जिन प्रमुख और अटके हुए प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई है उनमें निम्नलिखित कार्य शामिल हैं

  • काकद्वीप: कालनागिनी नदी पर अधूरा पड़ा पुल और बापूजी ग्राम पंचायत के घटीहारा पुल का एप्रोच रोड निर्माण जो अधूरा होने के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए ठप पड़ा था। पिछली सरकारों के कार्यकाल से ही ये दोनों प्रोजेक्ट्स आधे-अधूरी हालत में झूल रहे थे।

  • गोसाबा: विभिन्न संवेदनशील इलाकों में मजबूत सुरक्षा बांधों का निर्माण।

  • पाथरप्रतिमा: क्षेत्र की सुरक्षा के लिए रिंग बांध का निर्माण।

  • संदेशखाली और हिंगलगंज: नदी पार करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए छोटे लकड़ी और कंक्रीट के पुलों का निर्माण।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।