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नागपुर में विश्वबंधुत्व दिवस पर बोले प्रशांत पोळ, हिंदू विचारधारा में है विश्व को जोड़ने की ताकत

नागपुर में विश्वबंधुत्व दिवस पर बोले प्रशांत पोळ, हिंदू विचारधारा में है विश्व को जोड़ने की ताकत
Nagpur Vishwabandhutva Diwas lecture: सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा से विश्वबंधुत्व का संदेश (Photo: RB / Jassi)

नागपुर में विश्वबंधुत्व दिवस पर प्रशांत पोळ ने कहा कि सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा विश्वबंधुत्व का मजबूत आधार बन सकती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण और भारत की सेवा भावना का उल्लेख किया। कार्यक्रम में छह पुस्तकों का विमोचन हुआ। साथ ही ‘सिंहनाद अभिवाचन स्पर्धा’ के विजेताओं को स्मृति चिह्न, प्रमाणपत्र और साहित्य देकर सम्मानित किया गया।

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Asfi Shadab
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छह पुस्तकों का विमोचन

नागपुर विश्वबंधुत्व दिवस व्याख्यान: नागपुर, 13 सितंबर। प्रसिद्ध लेखक एवं विचारक प्रशांत पोळ ने कहा, “सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा ही विश्वबंधुत्व का मजबूत आधार बन सकती है।” उन्होंने कहा कि आज दुनिया संघर्ष, युद्ध और धार्मिक असहिष्णुता की चुनौतियों से जूझ रही है, और अनेक पंथों व विचारधाराओं को स्वीकार करने वाला हिंदू समाज सह-अस्तित्व का आदर्श प्रस्तुत करता है।

प्रशांत पोळ विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की नागपुर शाखा द्वारा विश्वबंधुत्व दिवस पर आयोजित “वर्तमान युग में विश्वबंधुत्व” व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम में विदर्भ विभाग प्रमुख भरत जोशी, नागपुर नगर संचालक डॉ. विलास देशपांडे और नगर प्रमुख क्षमा दाभोळकर उपस्थित रहीं। शुरुआत आस्था की विवेक वाणी प्रस्तुति से हुई।

Nagpur Vishwabandhutva Diwas lecture: सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा से विश्वबंधुत्व का संदेश
Nagpur Vishwabandhutva Diwas lecture: सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा से विश्वबंधुत्व का संदेश (Photo: RB / Jassi)

‘सिंहनाद अभिवाचन स्पर्धा’ के विजेताओं को पुरस्कार

नागपुर विश्वबंधुत्व दिवस व्याख्यान: पोळ ने बताया कि 11 सितंबर 1893 को शिकागो में स्वामी विवेकानंद ने “मेरे अमेरिका के बहनों और भाइयों…” संबोधन से भाषण शुरू किया था, जिस पर लगभग 7 हजार श्रोताओं ने खड़े होकर तालियां बजाईं। उन्होंने कोरोना काल में भारत की वैक्सीन सहायता और युद्ध-आपदाओं के दौरान नागरिकों को सुरक्षित निकालने के अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम्” को व्यवहार में उतार रहा है।

कार्यक्रम में छह पुस्तकों का विमोचन हुआ, जिनमें पी. परमेश्वरन की पुस्तक का हिंदी अनुवाद “हिंदू राष्ट्र के हृदय की धड़कन”, वंदे मातरम्, आरसा निसर्गाचा वारसा सणांचा, ध्यान, प्रांजूच्या गोष्टी और सनातन धर्म शामिल हैं।

16 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लिए आयोजित “सिंहनाद अभिवाचन स्पर्धा” के विजेताओं को स्मृति चिह्न, प्रमाणपत्र और साहित्य दिया गया। यह प्रतियोगिता हिंदी और अंग्रेजी में महाविद्यालयीन व खुले वर्ग में हुई। संचालन निधि कुलकर्णी ने किया, आभार क्षमा दाभोळकर ने व्यक्त किया।

Nagpur Vishwabandhutva Diwas lecture: सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा से विश्वबंधुत्व का संदेश
Nagpur Vishwabandhutva Diwas lecture: सर्वसमावेशी हिंदू विचारधारा से विश्वबंधुत्व का संदेश (Photo: RB / Jassi)

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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