पश्चिम बंगाल में शराब बिक्री के नए नियम, ब्रांड रजिस्ट्रेशन से लेकर कीमतों तक बड़े बदलाव

पश्चिम बंगाल में शराब की बिक्री को लेकर नए नियम लागू। ब्रांड रजिस्ट्रेशन से लेकर कीमतों तक बड़े बदलाव जानें पूरी जानकारी।
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जानें ब्रांड रजिस्ट्रेशन से लेकर कीमतों तक के सभी नए नियम
पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले राज्य में शराब की बिक्री और आपूर्ति को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। पश्चिम बंगाल राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन (WBSBCL) ने विदेशी शराब, बीयर और इंडियन मेड फॉरेन लिकर के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन बदलावों का मकसद बाजार में पारदर्शिता लाना और आपूर्ति को सुचारू रखना है।
अनिवार्य री-रजिस्ट्रेशन
1 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियमों के तहत अगर किसी ब्रांड ने हाल ही में लाइसेंस लिया है या पुराना है तो उसे दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पुरानी रजिस्ट्रेशन के आधार पर इस नए सीजन में व्यवसाय जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। कीमतें न बदलने पर भी नया ‘कॉस्ट कार्ड’ तैयार करना अनिवार्य है। हर साल न्यूनतम एक्स डिस्टिलरी प्राइस के आधार पर निर्माता कंपनियों का चयन किया जाएगा। इसी के आधार पर राज्य सरकार का कर ढांचा तय होगा।
कीमतों पर नियंत्रण
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार त्योहारी सीजन से पहले शराब की कीमतों में भारी वृद्धि की संभावना नहीं है हालांकि महंगी शराब की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव हो सकता है। ‘इन्वेंटरी मैनेजमेंट कॉस्ट’ किसी भी स्थिति में ई.डी.पी. के 10% से अधिक नहीं हो सकती।
पुराने स्टॉक पर छूट
कॉरपोरेशन ने पुराने एमआरपी वाले स्टॉक को लेकर थोड़ी राहत दी है। मौजूदा लेबल रजिस्ट्रेशन की अवधि खत्म होने तक पुराना स्टॉक बेचा जा सकेगा। त्योहारी सीजन में शराब की कोई कमी न हो इसके लिए सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कई ब्रांड मालिक या कंपनियां मिलकर संयुक्त बोली नहीं लगा सकतीं। हर ब्रांड को व्यक्तिगत रूप से भाग लेना होगा वरना आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। कोई भी जानकारी छिपाने या गलत तथ्य देने पर संबंधित कंपनी के सभी उत्पाद अयोग्य घोषित किए जा सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन और जरूरी दस्तावेज
एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट केवल राज्य सरकार के टेंडर पोर्टल के जरिए ही जमा करना होगा। सभी दस्तावेज डिजिटल हस्ताक्षर के साथ चार निश्चित फोल्डर में अपलोड करने होंगे। आवेदन के साथ ट्रेडमार्क सर्टिफिकेट, ब्रांड ओनर का ऑथराइजेशन लेटर, वैध आबकारी लाइसेंस, जीएसटी, पैन, और लागू होने पर एफएसएसएआई लाइसेंस देना जरूरी है।
बाहरी राज्यों के नए ब्रांड्स के लिए शर्त
अगर पश्चिम बंगाल के बाजार में कोई बिल्कुल नया ब्रांड लाया जाता है तो उसके उत्पादन या बॉटलिंग प्लांट का पूरा पता देना होगा। वहीं राज्य के बाहर निर्मित किसी नए ब्रांड के लिए यह साबित करना जरूरी होगा कि उसने पिछले एक साल में देश के किसी एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कम से कम 10,000 केस बेचे हैं।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

