कोलकाता जमीन घोटाला मामले में पूछताछ के 48 घंटे के भीतर सुमित रॉय ने कबूला जुर्म

कोलकाता जमीन घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय की गिरफ्तारी के बाद 15 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को लेकर जांच तेज हो गई है। सीआईडी पूछताछ में सामने आई अहम जानकारियां जानें।
विषयसूची
सीआईडी की पूछताछ में सुमित रॉय ने खोले कई राज
पश्चिम बंगाल के चर्चित सरकारी जमीन घोटाले मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में एक बड़ा मोड़ आ गया है। सीआईडी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक गिरफ्तारी के महज 48 घंटे के भीतर ही सुमित रॉय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
सरकारी जमीन बेचने का खेल
शाल्बनी जमीन घोटाले के सिलसिले में पिछले गुरुवार को सीआईडी ने सुमित रॉय को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में जांचकर्ताओं ने दावा किया है कि सुमित रॉय ने पूछताछ के दौरान यह मान लिया है कि सरकारी जमीनों को अपनी बताकर किस तरह से चालबाजी और धोखाधड़ी से बेचा जाता था।
होटल के कमरे से चलता था खेल
जांच एजेंसी के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए एक होटल का कमरा हमेशा बुक रखा जाता था जहां जमीन की डीलिंग और पैसों का लेन-देन तय होता था। सुमित रॉय के बैंक अकाउंट में करीब 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का भी पता चला है। पूछताछ में अब यह बात सामने आ रही है कि इस पूरी डील में कुल कितनी रकम वसूली जाती थी और वह पैसा आखिरकार किन-किन लोगों तक पहुंचता था।
सुप्रीम कोर्ट के दावे के बाद पलटी स्थिति
गौरतलब है कि गिरफ्तारी से पहले सुमित रॉय ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाते हुए दावा किया था कि उनसे किसी बड़े नेता का नाम जबरन उगलवाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि सीआईडी की गिरफ्त में आने और लगातार पूछताछ के बाद उन्होंने यह भी स्वीकार कर लिया है कि शुरुआती दौर में उन्होंने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया था। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस करोड़ों के घोटाले के पीछे कोई और बड़ा चेहरा है या नहीं और सुमित के खुलासों के बाद इस मामले में और किनकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

