कोलकाता में दिलीप घोष की राजनीतिक प्रतिक्रिया, तृणमूल से लेकर भारत-चीन सीमा तक कई मुद्दों पर चर्चा

दिलीप घोष की राजनीतिक प्रतिक्रिया: कोलकाता में दिलीप घोष की राजनीतिक प्रतिक्रिया के दौरान तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को लेकर सवाल उठे। भारत-चीन सीमा पर शांति और देश के क्षेत्र की सुरक्षा की बात सामने आई। मांसाहारी भोजन पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी और शुभेंदु अधिकारी के मछली भोग का मुद्दा चर्चा में रहा। ‘वंदे मातरम’ विवाद और पाकिस्तान में रोके गए 104 सिख यात्री भी चर्चा में रहे।
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कोलकाता में कई राजनीतिक मुद्दों पर सामने आई प्रतिक्रिया
दिलीप घोष की राजनीतिक प्रतिक्रिया: कोलकाता से मिली जानकारी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पुरानी तृणमूल कांग्रेस को आज दिल्ली में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के समक्ष तलब किया गया है।
इसी बीच पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना को जब चुनाव चिन्ह नहीं मिला, तो क्या पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को भी चुनाव चिन्ह से वंचित रहना पड़ेगा यह सवाल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्रीय स्तर पर, भारत-चीन सीमा तनाव पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन देश की भूमि को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सीमा पर बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया।
बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की गैर-शाकाहारी भोजन संबंधी टिप्पणी को लेकर विवाद के बीच, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट मंदिर में मत्स्य भोग ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि शास्त्री ने हाल ही में बंगाल के हिंदुओं से गैर-शाकाहारी भोजन न करने की अपील की थी, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हुआ।

तृणमूल के चुनाव चिन्ह से लेकर भारत-चीन सीमा तक चर्चा
वंदे मातरम विवाद में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कांग्रेस की ओर से कड़ा जवाब दिया गया है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूर्ण संस्करण बजाया गया था, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई।
वहीं पाकिस्तान ने हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए भारत आने वाले 104 सिख तीर्थयात्रियों को रोक दिया। वैध भारतीय वीजा होने के बावजूद इमिग्रेशन अधिकारियों ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट एनओसी (NOC) की मांग करते हुए उनकी यात्रा बाधित कर दी।
इन सभी मुद्दों पर आने वाले दिनों में और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है, खासकर तृणमूल कांग्रेस के चुनाव आयोग के समक्ष पेश होने के बाद।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

