महाराष्ट्र में बीएचएमएस–सीसीएमपी मुद्दे पर डॉक्टरों के राज्यव्यापी आंदोलन को सभी प्रमुख चिकित्सा संगठनों का समर्थन

BHMS CCMP Maharashtra Doctors Statewide Protest Support: महाराष्ट्र में बीएचएमएस–सीसीएमपी मुद्दे पर सेंट्रल मार्ड के राज्यव्यापी आंदोलन को आईएमए समेत कई प्रमुख चिकित्सा संगठनों का समर्थन मिला है। सभी संगठनों ने मरीजों की सुरक्षा और वैज्ञानिक चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता बताते हुए न्यायालय के अंतिम निर्णय तक किसी भी नई प्रक्रिया को रोकने तथा सरकार से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है।
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पूरे महाराष्ट्र के डॉक्टर एक साथ आंदोलन के समर्थन में
BHMS CCMP Maharashtra Doctors Statewide Protest Support: मुंबई, 5 अगस्त 2026: महाराष्ट्र के चिकित्सा समुदाय ने अभूतपूर्व एकजुटता दिखाते हुए सेंट्रल मार्ड (महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स) द्वारा घोषित राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।
इस समर्थन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), बीएमसी मार्ड, महाराष्ट्र स्टेट रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एमएसआरडीए), एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स (एएसएमआई), महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ गजेटेड मेडिकल ऑफिसर्स ग्रुप-ए (मैग्मो) तथा महाराष्ट्र स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमएसएमटीए) शामिल हैं।
सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से बीएचएमएस–सीसीएमपी (BHMS–CCMP) मुद्दे पर सेंट्रल मार्ड के रुख का समर्थन किया है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि मरीजों की सुरक्षा, वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित चिकित्सा पद्धति तथा आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
संगठनों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आता और कानूनी रूप से मजबूत, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथा व्यापक नियामक व्यवस्था तैयार नहीं हो जाती, तब तक बीएचएमएस–सीसीएमपी के पंजीकरण या क्रियान्वयन की कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।
मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सभी संगठनों का जोर
सभी सहयोगी संगठनों ने 5 अगस्त 2026 से सेंट्रल मार्ड के साथ राज्यव्यापी आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र का संपूर्ण चिकित्सा समुदाय गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा तथा मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
संयुक्त चिकित्सा संगठनों ने राज्य सरकार से शीघ्र सार्थक संवाद स्थापित करने और मरीजों तथा जनस्वास्थ्य के व्यापक हित में जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
संयुक्त रूप से जारीकर्ता संगठन: सेंट्रल मार्ड, आईएमए, बीएमसी मार्ड, एमएसआरडीए, एएसएमआई, मैग्मो और एमएसएमटीए।
अब सबकी नजर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई पर टिकी है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

