नागपुर में सोलर इकोसिस्टम को मिलेगा विस्तार, फडणवीस बोले-उद्यमी बड़े पैमाने पर करें निवेश

नागपुर में सोलर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्यमियों से बड़े निवेश का आह्वान किया और बुटीबोरी में सोलर परियोजना के विस्तार की जानकारी दी।
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मुंबई की बड़ी परियोजनाओं को लेकर भी फडणवीस ने बताया लक्ष्य
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर आने वाले वर्षों में सोलर इकोसिस्टम के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने उद्यमियों से सौर ऊर्जा और इससे जुड़े उद्योगों में बड़े पैमाने पर निवेश करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दस वर्षों में नागपुर में सोलर सेक्टर के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में अवादा समूह की सोलर मैन्युफैक्चरिंग परियोजना का दौरा कर वहां चल रहे कामों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने उद्यमियों से संवाद किया। बुटीबोरी में अवादा की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग परियोजना की पहली 3 गीगावॉट उत्पादन लाइन जुलाई 2026 में शुरू होने की जानकारी कंपनी ने दी थी।

तीसरी अतिरिक्त बुटीबोरी और वर्धा में नया औद्योगिक क्षेत्र
अवादा समूह के संस्थापक विनीत मित्तल के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नए नागपुर में स्मार्ट इंडस्ट्री के लिए इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए 50% से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। अवादा समूह को विस्तार के लिए 250 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने की घोषणा भी उन्होंने की। बुटीबोरी में जमीन समाप्त होने के कारण अब तीसरी अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक वसाहत और वर्धा में नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है।

2029 तक उद्योगों को मिलेगी सस्ती बिजली
उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2029 तक उद्योगों को सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, सोलर बैटरी स्टोरेज के जरिए 24 घंटे निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
गढ़चिरोली बन रहा नया ‘स्टील हब’
राज्य के अन्य औद्योगिक विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि गढ़चिरोली नए स्टील सिटी के रूप में विकसित हो रहा है, जहां करीब 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। साथ ही, ग्रीन स्टील के निर्माण के लिए एक बेल्जियम की कंपनी के साथ महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ है।

बुनियादी ढांचे और मुंबई के विकास पर फोकस
राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए समृद्धि महामार्ग और बढ़वण बंदरगाह जैसी परियोजनाएं पिछड़े क्षेत्रों के विकास को गति दे रही हैं। बढ़वण बंदरगाह के अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, बांद्रा-वर्सोवा और वर्सोवा-भाईंदर कोस्टल रोड के जरिए अगले पांच वर्षों में मुंबई का कायापलट करने और शहर को स्लम-फ्री (झोपड़पट्टी मुक्त) बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र
एडिट: शिंकी सिंह

