आईआईटी पवई में 4 छात्रों की मौत से सवाल, साहिल वाकोडे के पिता ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

आईआईटी पवई में इस साल अब तक चार छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। यवतमाल के साहिल वाकोडे के पिता ने कथित प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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छात्रों के मानसिक दबाव को लेकर उठे सवाल
देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे (पवई) में छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस वर्ष अब तक संस्थान में चार छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं जिससे कैंपस के शैक्षणिक और मानसिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच यवतमाल के रहने वाले द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में नया और गंभीर मोड़ आ गया है।
चार छात्रों की मौत से सहमा कैंपस
इस साल आईआईटी पवई में हुई आत्महत्या की घटनाओं में चार छात्रों की जान जा चुकी है। इनमें से कई घटनाएं परीक्षा के दौरन या उसके आसपास सामने आईं, जिससे छात्रों पर बढ़ते मानसिक और अकादमिक दबाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
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रोहित सिन्हा (22 वर्ष)
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नमन अग्रवाल (21 वर्ष)
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सोहिल सांगवान (20 वर्ष)
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साहिल रवींद्र वाकोडे (19 वर्ष)
जातिगत प्रताड़ना का गंभीर आरोप
मृतक छात्र साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे ने संस्थान के कुछ प्राध्यापकों और विभागाध्यक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का दावा है कि साहिल को उसकी निम्न जाति की पृष्ठभूमि के चलते पिछले कई महीनों से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका बेटा गहरे तनाव में था। हालांकि इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी लेकिन इस घटना ने संस्थान के भीतर सामाजिक और मानसिक सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है।
मनसे छात्र सेना का फूटा गुस्सा, किया घेराव
साहिल की मौत और उसके पिता द्वारा लगाए गए जातिगत प्रताड़ना के आरोपों के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की छात्र सेना आक्रामक हो गई है। मनसे कार्यकर्ताओं ने आईआईटी पवई के प्रशासनिक कार्यालय का घेराव किया और कड़े सवाल पूछे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब छात्र को मानसिक या किसी अन्य प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था, तब संस्थान स्तर पर समय रहते उसकी सुध क्यों नहीं ली गई।
प्रशासन पर टालमटोल का आरोप
मनसे छात्र सेना का आरोप है कि कड़े सवालों के जवाब देने के बजाय संस्थान प्रशासन ने टालमटोल वाला रवैया अपनाया। इस सनसनीखेज मामले के बाद अब साहिल वाकोडे की मौत और लगाए गए तमाम गंभीर आरोपों की उच्चस्तरीय तथा निष्पक्ष जांच की मांग देश भर में जोर पकड़ने लगी है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र
एडिट: शिंकी सिंह

