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झाड़ग्राम समाचार: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

झाड़ग्राम समाचार: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव (Photo: RB / Ekbal)

शालवन में दुग्गा छातु 400 रुपये किलो: जंगलमहल में त्योहारों से पहले दुग्गा छातु की मांग बढ़ गई है। अंबिशोल मोड़ के बाजार में जंगल से लाई गई ताजा छातु करीब 400 रुपये किलो बिक रही है। स्थानीय लोग इसे स्वाद के लिए पसंद करते हैं। वहीं, कई परिवार खेती के साथ जंगल से छातु इकट्ठा कर बेचते हैं और इससे अतिरिक्त कमाई करते हैं।

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Asfi Shadab
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त्योहारों से पहले बढ़ी दुग्गा छातु की मांग

शालवन में दुग्गा छातु 400 रुपये किलो: झाड़ग्राम के जंगलमहल इलाके में उत्सव का मौसम शुरू हो चुका है। विश्वकर्मा पूजा, सहराई और दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच शालवनों की मिट्टी से निकलकर बाजार में पहुंच गया है स्थानीयों का जाना-पहचाना ‘परब छातु’ या ‘दुग्गा छातु’।

खड़िकामाथानी से गोपीबल्लभपुर जाने वाले राज्य राजमार्ग पर आम्बिशोल मोड़ पर भोर होते ही यह मौसमी छातु बाजार सज जाता है। जंगल से ताजा तोड़कर लाए गए इस छातु की कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। दाम ऊंचे होने के बावजूद मांग में कोई कमी नहीं है। सुबह-सुबह ही बड़ी संख्या में लोग छातु खरीदने के लिए भीड़ लगा रहे हैं।

सरसों-पोस्ता के पेस्ट में पकाया जाए या तेल-मिर्च में भूना जाए, इस जंगली छातु का स्वाद जंगलमहल के लोगों के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहा है। स्वाद के अलावा इससे कई परिवारों की आजीविका भी जुड़ी है। खेती-किसानी के बीच समय निकालकर भोर में जंगल में घुसकर, सांप और हाथी के खतरे की परवाह किए बिना, कई लोग यह छातु इकट्ठा करते हैं। बाद में सड़क किनारे बाजार में बेचकर वे परिवार के लिए अतिरिक्त आय जुटाते हैं।

Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव (Photo: RB / Ekbal)
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव (Photo: RB / Ekbal)

400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव, कई परिवारों की कमाई का जरिया

वैज्ञानिक रूप से यह छातु टर्मिटोमाइसिस प्रजाति का कवक है। आमतौर पर यह दीमक की बांबी से जुड़े प्राकृतिक परिवेश में ही जन्म लेता है। इसकी कृत्रिम खेती व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

प्रकृति की गोद में जन्मा यह छातु स्वाद, लोकसंस्कृति और हाशिए पर खड़े लोगों की आजीविका  तीनों की कहानी एक साथ समेटे हुए है। दुर्गा पूजा नजदीक आने के साथ आम्बिशोल जैसे मौसमी बाजारों में यह रौनक अगले कुछ हफ्तों तक और बढ़ने की उम्मीद है।

Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव (Photo: RB / Ekbal)
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
Durga Chatu Salboni 400 Rupees: त्योहारों से पहले शालवन में बढ़ी दुग्गा छातु की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा भाव (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।