कोलकाता में 15 हजार गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था बदलेगी, ई-ऑक्शन से होगा नए सिरे से आवंटन

कोलकाता नगर निगम शहर में पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के लिए 15 हजार नए लॉट ई-ऑक्शन से बांटेगा। अवैध वसूली रोकने के लिएऑपरेटिंग सिस्टम मशीन और रेट चार्ट अनिवार्य।
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ओवरचार्जिंग रोकने के लिए रेट चार्ट होगा जरूरी
कोलकाता शहर में लगातार बढ़ती पार्किंग की समस्या और मनमाने दामों पर लगाम कसने के लिए कोलकाता नगर निगम ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शहर में यातायात को सुगम बनाने और पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी करने के उद्देश्य से निगम लगभग 15,000 गाड़ियों के पार्किंग लॉट की जिम्मेदारी नए सिरे से आवंटित करने की तैयारी में जुट गया है।
ई-ऑक्शन और नए टेंडर
केएमसी के सूत्रों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के लिए ई-नीलामी का सहारा लिया जाएगा। इसके तहत करीब साढ़े पांच हजार गाड़ियों के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे जबकि शेष बचे पुराने टेंडरों का नवीनीकरण किया जाएगा। निगम का मानना है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से मनमानी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
ओवरचार्जिंग और अवैध वसूली पर कड़ा प्रहार
शहर की सड़कों और बाजारों में तय दर से अधिक ओवरचार्जिंग और अवैध पार्किंग की मिल रही शिकायतों को नगर निगम ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस पर नकेल कसने के लिए निम्नलिखित सख्त नियम लागू किए गए हैं।
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रेट चार्ट अनिवार्य: सभी पार्किंग लॉट पर आधिकारिक रेट चार्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि आम नागरिकों से कोई भी अतिरिक्त शुल्क न वसूल सके।
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ऑपरेटिंग सिस्टम मशीनों का इस्तेमाल: दिन और रात के पार्किंग लॉट के संचालन में ऑपरेटिंग सिस्टम (POS) मशीनों का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
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नकद गड़बड़ियों पर रोक: पार्किंग शुल्क केवल इन मशीनों के जरिए ही वसूला जाएगा, जिससे नकद लेन-देन में होने वाली गड़बड़ियों और अवैध वसूली पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस के साथ मिलकर ऐप और मशीन आधारित पार्किंग व्यवस्था शुरू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ एजेंसियों की अरुचि के कारण वह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो पाई थी। ऐसे में देखना यह होगा कि केएमसी का यह नया प्रयास जमीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

