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लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा होगी और मजबूत, जीआरपी जवानों को मिले बॉडी कैमरे

लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा होगी और मजबूत, जीआरपी जवानों को मिले बॉडी कैमरे
West Bengal GRP: लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए जीआरपी कर्मियों के लिए बॉडी कैमरा पहनकर ड्यूटी करना अनिवार्य किया गया है। कैमरों का लाइव फीड कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा।(Image : AI)

लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए जीआरपी कर्मियों के लिए बॉडी कैमरा पहनकर ड्यूटी करना अनिवार्य किया गया है। कैमरों का लाइव फीड कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा।

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Shinki Singh
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कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा लाइव फीड

पश्चिम बंगाल में लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जीआरपी ने नई पहल की है। अब दूरगामी ट्रेनों में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जीआरपी कर्मियों के लिए बॉडी कैमरा पहनकर ड्यूटी करना अनिवार्य किया गया है। इन कैमरों का लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। इससे ट्रेन में होने वाली चोरी छिनतई जैसी घटनाओं पर नजर रखने के साथ अपराधियों की पहचान और पुलिसकर्मियों की कार्यशैली की निगरानी में भी मदद मिलेगी।

कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा कैमरे का लाइव फीड

ड्यूटी के दौरान जीआरपी कर्मियों के बॉडी कैमरे चालू रहेंगे। इनका लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है। इससे चलती ट्रेन में चोरी, छिनतई या अन्य आपराधिक घटना होने पर पुलिस को स्थिति की जानकारी तुरंत मिल सकेगी और जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।

अपराधियों की पहचान में मिलेगी मदद

रेल पुलिस के अधिकारियों के संज्ञान में आया था कि लंबी दूरी की ट्रेनों में चोरी और छिनतई जैसी घटनाएं होती रहती हैं। कई मामलों में अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद ट्रेन की बोगियों में ही छिपे रहते हैं और गंतव्य स्टेशन आने से पहले या वहां पहुंचकर उतरकर फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में बॉडी कैमरे से मिले फुटेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जीआरपी थानों में पहले से संदिग्ध और अपराधियों की तस्वीरें व रिकॉर्ड मौजूद रहते हैं। कैमरे की रिकॉर्डिंग के जरिए संदिग्धों की पहचान करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर भी रहेगी नजर

बॉडी कैमरे केवल अपराधियों की पहचान के लिए ही नहीं बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर नजर रखने में भी मदद करेंगे। अगर किसी यात्री की ओर से पुलिस गश्त नहीं करने या किसी घटना के दौरान निष्क्रिय रहने की शिकायत की जाती है, तो अधिकारी कैमरे की फुटेज देखकर वास्तविक स्थिति की जांच कर सकेंगे। इससे पुलिसकर्मियों पर लगाए जाने वाले गलत या निराधार आरोपों की जांच में भी मदद मिलेगी। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।

यात्रियों की शिकायतों की जांच में भी मदद

रेल पुलिस का मानना है कि बॉडी कैमरों से यात्रियों की शिकायतों की वास्तविकता जांचने में भी आसानी होगी। किसी घटना या विवाद की स्थिति में कैमरे में रिकॉर्ड फुटेज को देखकर अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी मिल सकेगी। इस नई व्यवस्था से लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने और अपराध होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।