नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का बड़ा सियासी दांव, कांग्रेस को समर्थन देने का किया ऐलान

नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी ने किया बड़ा सियासी ऐलान। टीएमसी सुप्रीमो ने राहुल गांधी के समर्थन के बीच कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की।
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ममता बनर्जी के मास्टरस्ट्रोक से गरमाई सियासत
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आगामी नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगी। इस सियासी घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एक तरफ जहां टीएमसी को चुनावी प्रतीक और नाम को लेकर प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी की मूल उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के मैदान से हटने के बाद स्थिति और पेचीदा हो गई। ऐसे हालातों के बीच ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने का यह बड़ा कदम उठाया है।
राहुल गांधी का फोन और ‘सरप्राइज’ वाला बयान
रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ मुखर रहने और राजनीतिक संकट के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फोन करके इस मुश्किल समय में हरसंभव राजनीतिक और नैतिक मदद का भरोसा दिया था। जब मीडिया ने ममता बनर्जी से इस बारे में सवाल किया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय उनकी पार्टी का पहले से ही विचार था। उन्होंने इसे राहुल गांधी के लिए एक ‘सरप्राइज’ बताते हुए कहा कि उन्होंने बातचीत के दौरान इसकी जानकारी पहले से नहीं दी थी, बल्कि यह पार्टी का स्वतंत्र और दूरदर्शी फैसला है।
ममता बनर्जी के कड़े तेवर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के रवैये पर भी कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आयोग के फैसलों को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि वे इन परिस्थितियों के आगे बिल्कुल नहीं झुकेंगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह अपनी पार्टी का नेतृत्व मजबूती से करती रहेंगी।
अधीर रंजन चौधरी की तीखी प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी के इस ऐलान के बाद कांग्रेस की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनकी अपनी उम्मीदवार मैदान छोड़कर पीछे हट गईं, तब उन्हें कांग्रेस के समर्थन की याद आई। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक दल के मुखिया का व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनकी पार्टी अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ेगी।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

