हिंगोली समाचार: फसल बर्बाद होने से किसान ने की आत्महत्या, सूखे की मार से हिंगोली में बढ़ी चिंता

हिंगोली में सूखे से फसल बर्बाद होने पर किसान की आत्महत्या: हिंगोली के सेलसुरा गांव में फसल बर्बाद होने और आर्थिक संकट से परेशान किसान दत्ताराव घुगे ने आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, उन पर बैंक और निजी साहूकारों का कर्ज था। बारिश की कमी से फसल सूख गई थी। दत्ताराव परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिजनों और ग्रामीणों ने शासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।
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सूखे और फसल खराब होने से बढ़ी किसानों की परेशानी
हिंगोली में सूखे से फसल बर्बाद होने पर किसान की आत्महत्या: हिंगोली जिले में भीषण सूखे के बीच एक और किसान ने आत्महत्या कर ली है। कलमनुरी तहसील के सेलसुरा गांव निवासी किसान दत्ताराव घुगे ने सोमवार मध्यरात्रि फांसी लगाकर जान दे दी। पिछले पखवाड़े में जिले में यह दूसरी किसान आत्महत्या की घटना है।
जिले की कलमनुरी, सेनगांव और हिंगोली तहसीलों में इस वर्ष बारिश की भारी कमी रही है। सिंचाई की समुचित सुविधा न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दत्ताराव के खेत में खड़ी फसल भी बारिश के अभाव में पूरी तरह सूख गई थी। अच्छी पैदावार की उम्मीद टूटने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, दत्ताराव पर निजी साहूकारों और बैंकों दोनों का कर्ज था। फसल बर्बाद होने के बाद कर्ज चुकाने और परिवार का पेट पालने की चिंता उन्हें लगातार सताती रही। पिछले कुछ दिनों से वह गहरे तनाव में थे।
कर्ज और परिवार की चिंता के बीच किसान ने उठाया आत्मघाती कदम
दत्ताराव परिवार में कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट और गहरा गया है। रोजमर्रा के खर्च और जीवनयापन को लेकर परिवार के सामने अनिश्चितता खड़ी हो गई है।
घटना से गांव में शोक की लहर है। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से घुगे परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही सूखे से प्रभावित सभी किसानों को तत्काल राहत देने की मांग भी उठाई गई है।
आगे क्या: प्रशासन की ओर से अब तक मुआवजे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है; प्रभावित परिवार और स्थानीय लोग सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

