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Maharashtra News: विदर्भ में बढ़ते नशे के कारोबार पर सरकार से जवाब तलब, ड्रग्समुक्त महाराष्ट्र अभियान का ऐलान

Maharashtra News: विदर्भ में बढ़ते नशे के कारोबार पर सरकार से जवाब तलब, ड्रग्समुक्त महाराष्ट्र अभियान का ऐलान
Vidarbha Drugs Issue Drugsmukt Maharashtra Campaign: विदर्भ में बढ़ते नशे के कारोबार पर सरकार से जवाब तलब, ड्रग्समुक्त महाराष्ट्र अभियान का ऐलान (Image: AI)

Vidarbha Drugs Issue Drugsmukt Maharashtra Campaign: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में डॉ. नितिन राउत ने विदर्भ में बढ़ते नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया। उन्होंने नागपुर, गड़चिरोली, यवतमाल और वर्धा में फैल रहे नशे पर सरकार से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसके जवाब में ‘ड्रग्समुक्त महाराष्ट्र’ अभियान शुरू करने और कार्रवाई को और मजबूत बनाने की घोषणा की।

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Asfi Shadab
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विदर्भ में नशे के बढ़ते कारोबार पर बढ़ी चिंता

Vidarbha Drugs Issue Drugsmukt Maharashtra Campaign: मुंबई/नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में विदर्भ क्षेत्र में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक डॉ. नितिन राउत ने नागपुर, गड़चिरोली, यवतमाल और वर्धा जिलों में मादक पदार्थों के बढ़ते जाल को लेकर सरकार को सीधे घेरा और जवाब मांगा।

डॉ. राउत ने सदन में कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 में 523 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए जाने का दावा किया है, लेकिन विदर्भ क्षेत्र से कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त हुए, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने विदर्भ के लिए अलग एंटी-नारकोटिक्स यूनिट, पर्याप्त मानव संसाधन और कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा सदन के सामने रखने की मांग की।

विधायक राउत ने यह भी बताया कि कॉलेजों में छात्रों के पास एलएसडी जैसे खतरनाक मादक पदार्थ पाए जा रहे हैं। उन्होंने “जॉम्बी ड्रग्स” जैसे घातक नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता व प्रशिक्षण की कमी के चलते प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही।

ड्रग्समुक्त महाराष्ट्र अभियान से क्या बदलेगा?

जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में जल्द व्यापक ‘ड्रग्समुक्त महाराष्ट्र’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की सूचना देने वाले मुखबिरों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुरस्कार भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सात विशेष मादक पदार्थ विरोधी इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनमें 369 अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। इन इकाइयों का विकेंद्रीकरण कर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के क्रियान्वयन की रूपरेखा और विदर्भ के लिए अलग यूनिट पर सरकार का अगला कदम अब सबकी नजर में रहेगा।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।