नागपुर विश्वविद्यालय में दुग्ध बढ़ाने वाले भोजन की प्रदर्शनी, मां और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य का दिया गया संदेश

Nagpur University World Breastfeeding Week Lactation Food Exhibition: विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अवसर पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में दुग्ध बढ़ाने वाले भोजन पर प्रदर्शनी और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। छात्राओं ने 102 पौष्टिक व्यंजन तैयार कर मातृ पोषण, सफल स्तनपान और शिशु स्वास्थ्य का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और सही पोषण के महत्व को बताना था।
विषयसूची
मां और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए पोषण का महत्व
Nagpur University World Breastfeeding Week Lactation Food Exhibition: नागपुर, 5 अगस्त 2026: विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अवसर पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग ने “दुग्धवर्धक आहार” विषय पर एक दिवसीय प्रदर्शनी और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया। “मां का पोषण, दूध का संवर्धन, उज्ज्वल भविष्य का संगोपन” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने 102 अभिनव दुग्धवर्धक व्यंजन तैयार कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने किया। उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार किए गए पौष्टिक व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा, “ऐसी पहल मातृ पोषण और सफल स्तनपान के महत्व को समाज तक पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी है।” कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


दुग्ध बढ़ाने वाले भोजन से दिया गया जागरूकता का संदेश
प्रदर्शनी में बादाम, जौ, नागवेली (पान) के पत्ते, काले तिल, सूखा नारियल, खजूर, सहजन की पत्तियां, सौंफ, मेथी, अलसी, लहसुन, अदरक, गोंद, ओट्स, खसखस, कद्दू के बीज और कच्चा पपीता सहित 18 पारंपरिक दुग्धवर्धक खाद्य पदार्थों से तैयार विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। प्रत्येक व्यंजन के साथ उसके पोषण मूल्य और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए उसके लाभों की जानकारी भी प्रदर्शित की गई।
छात्राओं ने पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से स्तनपान, मातृ पोषण और शिशु स्वास्थ्य से जुड़े संदेश रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में मातृ पोषण, सफल स्तनपान और स्वस्थ बाल विकास के प्रति जनजागरूकता फैलाना था।
मौके पर मौजूद रिपोर्टर जस्सी के अनुसार, पूरे कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. प्राजक्ता नांदे के मार्गदर्शन में एम.एससी. (खाद्य एवं पोषण विज्ञान) तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं ने किया।
आगे क्या: कार्यक्रम के माध्यम से मातृ पोषण, सफल स्तनपान और स्वस्थ बाल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

