Paschim Bardhaman News: पुलिस हिरासत में तृणमूल नेता को सड़क पर चलाने की घटना से बढ़ा विवाद, सालानपुर में राजनीतिक बयानबाजी तेज

Salanpur TMC leader police custody road show controversy: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के सालानपुर में पुलिस हिरासत में मौजूद तृणमूल नेता विजय सिंह उर्फ भोलासिंह को सड़क पर पैदल ले जाने की घटना के बाद विवाद शुरू हो गया है। लोगों ने नारे लगाए और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा ने कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि कानून और पुलिस की भूमिका को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
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सालानपुर की घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस
Salanpur TMC leader police custody road show controversy: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्द्धमान जिले के सालानपुर क्षेत्र में पुलिस हिरासत में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता को रस्ते पर घुमाने की घटना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला रूपनारायणपुर बसस्टैंड इलाके का बताया जा रहा है, जहां पुलिस कार्रवाई के दौरान भारी भीड़ और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।
स्थानीय सूत्रों और पुलिस के अनुसार, पिछले गुरुवार को एक पत्थर खदान से जुड़े मामले में सालानपुर थाना पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस नेता विजय सिंह उर्फ भोलासिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 6 दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया गया।


मंगलवार सुबह पुलिस हिरासत के दौरान ही एक असामान्य दृश्य सामने आया, जब सालानपुर थाना अंतर्गत रूपनारायणपुर पुलिस फांड़ी की टीम ने भोलासिंह को रूपनारायणपुर बसस्टैंड से सब्जी बाजार तक पैदल ले जाया। इस दौरान उनके साथ पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेता साधारण हाफ पैंट में थे और उन्हें इस तरह सार्वजनिक मार्ग से ले जाया गया, जिससे इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने “चोर चोर” के नारे लगाए।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे हैं कई सवाल
इस घटना के बाद प्रशासनिक और आम महल में यह सवाल उठने लगा है कि पुलिस हिरासत में किसी आरोपी को इस तरह सार्वजनिक रूप से पैदल ले जाना कानूनी रूप से कितना उचित है। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
भाजपा नेताओं बाबन मंडल और सलानपुर मंडल-4 के अध्यक्ष चिन्मय तिवारी ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तृणमूल शासन में भोलासिंह के कथित प्रभाव और आचरण से लोग परेशान थे और यह पुलिस की सही कार्रवाई है।
फलता की घटना के बाद अब सालानपुर का यह मामला राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है। आगे इस मामले पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

