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Bengal New Building Rules: बंगाल में अब मकान बनाना होगा महंगा, नक्शा पास कराने से लेकर निर्माण तक थर्ड पार्टी चेकिंग अनिवार्य

Bengal New Building Rules: बंगाल में अब मकान बनाना होगा महंगा, नक्शा पास कराने से लेकर निर्माण तक थर्ड पार्टी चेकिंग अनिवार्य
Bengal New Building Rules: गार्डनरीच हादसे के बाद एक्शन में नवान्न । पश्चिम बंगाल में बिल्डिंग प्लान पास कराने की लागत बढ़ेगी, एक्सपर्ट्स करेंगे हर चरण की जांच। पढ़ें पूरी खबर।(Image Source : AI)

Bengal New Building Rules: गार्डनरीच हादसे के बाद एक्शन में नवान्न । पश्चिम बंगाल में बिल्डिंग प्लान पास कराने की लागत बढ़ेगी, एक्सपर्ट्स करेंगे हर चरण की जांच। पढ़ें पूरी खबर।

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Shinki Singh
Shinki Singh
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इमारत के हर चरण की जांच के बाद ही मिलेगा ‘क्लियरेंस’

Bengal New Building Rules: कोलकाता और आसपास के इलाकों में बहुमंजिला इमारतों के गिरने से हुए हादसों के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल का नगर एवं शहरी विकास विभाग भवन निर्माण नियमों  को पूरी तरह बदलने जा रहा है। नए नियम लागू होते ही नया मकान या फ्लैट बनाने के लिए बिल्डिंग प्लान (नक्शा) पास कराना काफी खर्चीला हो जाएगा।

क्या है मामला

हाल ही में गार्डनरीच में निर्माणाधीन इमारत ढहने से 17 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद तारातला में हुए हादसे ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए। नवान्न (राज्य सचिवालय) अब हादसों को रोकने के लिए नियमों को बेहद सख्त बना रहा है। यही वजह है कि राज्य में बहुमंजिला इमारतों के नए निर्माण पर 15 अगस्त तक पहले से ही रोक लगी हुई है।

नए नियमों से आम लोगों और प्रमोटरों पर क्या असर पड़ेगा

  • थर्ड पार्टी करेगी जांच: अब सिर्फ सरकारी इंजीनियरों के भरोसे नक्शा पास नहीं होगा। निर्माण कार्य और नक्शे की जांच के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसियों को तैनात किया जाएगा।

  • हर कदम पर लेना होगा ‘क्लियरेंस सर्टिफिकेट’: नींव खोदने से लेकर छत ढलने तक, निर्माण के हर चरण में यह एक्सपर्ट एजेंसी मौके पर जाकर जांच करेगी। इनका ग्रीन सिग्नल  मिलने के बाद ही आगे का काम शुरू हो सकेगा।

  • आवेदक की जेब से कटेगा निरीक्षण शुल्क: इस पूरी जांच प्रक्रिया का खर्च सरकार नहीं उठाएगी। नक्शा पास करवाने वाले व्यक्ति या प्रमोटर को ही प्लान अप्रूवल के वक्त यह एक्स्ट्रा फीस जमा करनी होगी।

  • अवैध निर्माण वालों की खैर नहीं: 31 मार्च को कट-ऑफ डेट मानकर अवैध रूप से बनी इमारतों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके बाद बिना अनुमति बने मकानों पर ऐसा तगड़ा जुर्माना ठोका जाएगा कि कोई भी नियमों का उल्लंघन करने की हिम्मत न करे। हालाँकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि निरीक्षण शुल्क कितना होगा और नक्शा फीस कितनी प्रतिशत बढ़ेगी लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।


    रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।