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NEET-UG विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- शिक्षकों ने ही तोड़ा भरोसा; राहुल गांधी पर लगाया बड़ा आरोप

NEET-UG विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- शिक्षकों ने ही तोड़ा भरोसा; राहुल गांधी पर लगाया बड़ा आरोप
NEET-UG विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- शिक्षकों ने ही तोड़ा भरोसा

NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। साथ ही राहुल गांधी और विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।

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Dipali Kumari
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Dharmendra Pradhan: NEET-UG परीक्षा को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर थी, उन्हीं में से कुछ लोगों ने भरोसा तोड़ा और परीक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के विश्वास के लिए गंभीर चुनौती हैं।

पेपर लीक के बाद पहली बार बोले शिक्षा मंत्री

रविवार को दोबारा आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद शिक्षा मंत्री ने पहली बार पूरे मामले पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा संचालन से जुड़े शिक्षकों और अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी थीं, लेकिन कुछ लोगों ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। इसके कारण 3 मई को आयोजित परीक्षा पर सवाल खड़े हुए और अंततः उसे रद्द करना पड़ा।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार और NTA का उद्देश्य हमेशा पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना रहा है। उन्होंने दोबारा आयोजित परीक्षा को सफल बताते हुए कहा कि इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। इससे यह साबित होता है कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

राहुल गांधी पर बरसे शिक्षा मंत्री

इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लाखों छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, तब विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा था। प्रधान ने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस सुझाव देने के बजाय छात्रों के बीच भ्रम और भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन लगातार परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाकर देश की संस्थाओं की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, जिन दलों को जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नकार दिया है, वे अब अलग-अलग मंचों और संगठनों के माध्यम से सरकार और संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।

इस्तीफे की मांग पर भी धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा ?

पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्ष द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर भी धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जा रहा है।

उन्होंने दोहराया कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। वहीं, दोबारा हुई परीक्षा के शांतिपूर्ण आयोजन को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।