Suvendu Adhikari Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, ‘7वां वेतन आयोग’ पर नबन्ना का बड़ा फैसला

Suvendu Adhikari Pay Commission: पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! नबन्ना ने 7वें वेतन आयोग के लिए नियम व शर्तें तय कीं।
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नबन्ना का बड़ा फैसला और मुख्य शर्तें
Suvendu Adhikari Pay Commission: पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने 7वें राज्य वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए इसके आधिकारिक नियम और शर्तें जारी कर दी हैं। नबन्ना (राज्य सचिवालय) द्वारा जारी इस अधिसूचना के तहत आयोग के कामकाज के दायरे और प्रमुख समीक्षा बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने संयुक्त रूप से इस फैसले की घोषणा की। गौरतलब है कि इस साल 18 मई 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में 7वें वेतन आयोग के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी।
5 प्रतिशत सालाना वेतन वृद्धि और न्यूनतम वेतन के नए पैमाने
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सालाना इंक्रीमेंट: सरकार ने कर्मचारियों के लिए 5 प्रतिशत की वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा है।
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केंद्रीय दरों के समान वेतन: आयोग को यह देखने के लिए कहा गया है कि राज्य के कर्मचारियों का पे-स्ट्रक्चर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की दरों के समान कैसे बनाया जाए।
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5 सदस्यों का नया पैमाना: पहले न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 3.5 सदस्यों का परिवार माना जाता था, लेकिन अब 5 सदस्यों के परिवार को आधार बनाया जाएगा।
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पोषण मानकों में बढ़ोतरी: न्यूनतम वेतन तय करने के लिए अब दैनिक पोषण मानक को 2,700 कैलोरी से बढ़ाकर 3,490 कैलोरी कर दिया गया है।
किन चीजों पर पड़ेगा असर
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मूल वेतन और नया पे-मैट्रिक्स: नए पोषण और परिवार के नियमों के अनुसार सैलरी तय होगी।
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महंगाई भत्ता और मकान किराया : भत्तों की दरों को दोबारा रिवाइज किया जाएगा।
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पेंशन और रिटायरमेंट लाभ: सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के फायदों की समीक्षा होगी।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

