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30 जून के बाद बंद हो सकता है आपका LPG कनेक्शन! जानिए क्या है सरकार का नया नियम और किस पर पड़ेगा असर

30 जून के बाद बंद हो सकता है आपका LPG कनेक्शन! जानिए क्या है सरकार का नया नियम और किस पर पड़ेगा असर
30 जून के बाद बंद हो सकता है आपका LPG कनेक्शन! जानिए क्या है सरकार का नया नियम और किस पर पड़ेगा असर

क्या 30 जून के बाद आपका LPG कनेक्शन बंद हो जाएगा? हाल के दिनों में यह सवाल लाखों गैस उपभोक्ताओं के मन में है। दरअसल, सरकार PNG को बढ़ावा देने के लिए नए नियम लागू कर रही है। ऐसे में जानिए 30 जून की डेडलाइन का मतलब क्या है और इसका आपके गैस कनेक्शन पर क्या असर पड़ेगा।

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Dipali Kumari
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LPG Gas New Rule: इन दिनों सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर एक सवाल तेजी से चर्चा में है—क्या 30 जून के बाद एलपीजी गैस कनेक्शन बंद हो जाएगा? इस खबर ने लाखों गैस उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, सच्चाई यह है कि सरकार ने अब तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है जिसमें कहा गया हो कि 30 जून के बाद सभी एलपीजी कनेक्शन अपने आप बंद कर दिए जाएंगे।

जानिए क्या है सरकार का आदेश ?

दरअसल, केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में एक नया आदेश जारी किया था। इसके तहत उन इलाकों में, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, लोगों को धीरे-धीरे एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट होने के लिए कहा गया है। इसी के साथ “नो ड्यूल कनेक्शन पॉलिसी” भी लागू की गई है, यानी एक ही घर में PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखने को मना किया जा रहा है।

सरकार ने PNG अपनाने के लिए 90 दिनों का समय दिया था, जिसकी अवधि जून के अंत में पूरी हो रही है। यही वजह है कि लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। हालांकि 30 जून के बाद भी एलपीजी कनेक्शन तुरंत बंद नहीं होंगे, लेकिन जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां भविष्य में LPG की सप्लाई पर कुछ सीमाएं या नियम लागू किए जा सकते हैं।

तेजी से बढ़ रहे हैं PNG कनेक्शन

पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 से अब तक 10 लाख से ज्यादा नए PNG कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। इसके अलावा लाखों नए घरों तक PNG पहुंचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। बड़ी संख्या में परिवार अब एलपीजी छोड़कर PNG को अपना रहे हैं, क्योंकि यह सुविधाजनक और लगातार उपलब्ध रहने वाला ईंधन माना जाता है।

आज क्या हैं LPG सिलेंडर के दाम?

राहत की बात यह है कि 25 जून को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 3,113.50 रुपये में मिल रहा है।

मुंबई में घरेलू सिलेंडर सबसे सस्ता 941.50 रुपये का है। वहीं बेंगलुरु, अहमदाबाद, गुरुग्राम, जयपुर और चेन्नई जैसे शहरों में भी कीमत 1,000 रुपये से कम बनी हुई है। दूसरी ओर लेह, गंगटोक, आइजॉल, श्रीनगर और नॉर्थ त्रिपुरा जैसे क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है।

आखिर उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

यदि आपके इलाके में PNG की सुविधा उपलब्ध है, तो अपने गैस प्रदाता से नए नियमों की जानकारी जरूर लें। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 30 जून से पहले ई-केवाईसी पूरा करने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में सब्सिडी या गैस सेवा से जुड़ी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल इतना जरूर साफ है कि 30 जून के बाद देशभर के सभी LPG कनेक्शन बंद नहीं होने जा रहे हैं, लेकिन सरकार धीरे-धीरे PNG को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए नए नियमों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।