Rashtra Bharat Logo

ED Visa Fraud Case: अमेरिका भेजने का झांसा, बैंक में 40 लाख की एंट्री और फिर गायब!

ED Visa Fraud Case: अमेरिका भेजने का झांसा, बैंक में 40 लाख की एंट्री और फिर गायब!
ED Visa Fraud Case: अमेरिका भेजने का झांसा, बैंक में 40 लाख की एंट्री और फिर गायब! ( Image - AI )
Updated:
·by
Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
Share:

विषयसूची

ईडी ने खोला करोड़ों के वीजा रैकेट का राज

ED Visa Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संगठित इमिग्रेशन और वीजा धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम-2002 के तहत जालंधर की स्पेशल कोर्ट में रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, उसके संचालकों और सहयोगी संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अमेरिका का स्टूडेंट और विजिटर वीजा दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, नकली बैंक बैलेंस दिखाए और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की।

अमेरिकी दूतावास की शिकायत से खुला मामला

ईडी ने यह जांच नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास की शिकायतों के आधार पर शुरू की। इन शिकायतों के बाद पंजाब पुलिस और दिल्ली पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की थीं। जांच में पता चला कि यह एक संगठित गिरोह था, जो अमेरिका का वीजा दिलाने के लिए फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र, नकली अनुभव प्रमाणपत्र, मनगढ़ंत वित्तीय दस्तावेज और फर्जी फंड प्रूफ तैयार करता था।

वीजा के लिए फर्जी दस्तावेजों का पूरा नेटवर्क

ईडी के अनुसार, अमनदीप सिंह और पूनम रानी द्वारा संचालित रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड ऐसे लोगों को निशाना बनाती थी, जिनके पास विदेश में पढ़ाई या यात्रा के लिए जरूरी योग्यता या वित्तीय क्षमता नहीं होती थी। आरोपी आवेदकों के लिए फर्जी डिग्री, नकली अनुभव प्रमाणपत्र, गैप कवर करने वाले दस्तावेज और बैंक बैलेंस के फर्जी सबूत तैयार करते थे। इतना ही नहीं, विदेशी विश्वविद्यालयों और अमेरिकी वीजा अधिकारियों के साथ होने वाला पूरा ईमेल संवाद भी आरोपी अपने नियंत्रण में रखते थे ताकि आवेदकों को वास्तविक प्रक्रिया की जानकारी न हो।

40 हजार लेकर खाते में 40 लाख जमा, फिर तुरंत निकाल लेते थे

जांच में सामने आया कि ओवरसीज पार्टनर और रुद्र कंसल्टेंसी सर्विसेज मिलकर आवेदकों की आर्थिक स्थिति मजबूत दिखाने के लिए उनके बैंक खातों में कुछ समय के लिए लगभग 40 लाख रुपये जमा कराते थे। बैंक स्टेटमेंट तैयार होने के कुछ ही मिनटों बाद यह रकम वापस निकाल ली जाती थी। ईडी के अनुसार, इस तरीके का इस्तेमाल 154 वीजा आवेदकों के मामलों में किया गया। इसके बदले प्रत्येक आवेदक से करीब 40 हजार रुपये वसूले जाते थे।

नकली अनुभव प्रमाणपत्र भी बेचे गए

जांच में यह भी सामने आया कि इन्फोविज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन नामक संस्था, जिसे कमलजोत कंसल संचालित करता था, उन लोगों के लिए फर्जी ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और अनुभव प्रमाणपत्र तैयार करती थी जिन्होंने कभी संबंधित संस्थानों में काम ही नहीं किया था। ईडी को तलाशी के दौरान मिली डायरियों और अन्य रिकॉर्ड से नकद भुगतान लेकर फर्जी रोजगार दस्तावेज तैयार किए जाने की पुष्टि हुई।

छापेमारी में नकदी और सोने की ईंट बरामद

फरवरी 2025 में ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत आरोपियों के ठिकानों और लॉकरों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, लेन-देन से जुड़ी डायरियां, 19 लाख रुपये नकद और लगभग एक किलोग्राम वजन की सोने की ईंट बरामद की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति वीजा धोखाधड़ी से अर्जित अवैध कमाई से जुड़ी हो सकती है।

2.14 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का खुलासा

  • ईडी की जांच में कुल 2.14 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का पता चला है। इसी राशि के बराबर चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच या फ्रीज किया गया है।
  • रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड से 1.37 करोड़ रुपये की अवैध कमाई सामने आई।
  • ओवरसीज पार्टनर और रुद्र कंसल्टेंसी सर्विसेज से 61.60 लाख रुपये की कमाई का खुलासा हुआ।
  • इन्फोविज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन से 15 लाख रुपये की अवैध आय का पता चला।
  • अटैच की गई संपत्तियों में रिहायशी मकान और विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम शामिल है।
  • ईडी का आरोप है कि सभी आरोपी संगठित तरीके से वीजा धोखाधड़ी कर रहे थे और फ्रॉड से अर्जित धन को वैध संपत्ति के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे थे।
  • एजेंसी ने इनके खिलाफ पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी है। अब मामले की सुनवाई जालंधर की विशेष अदालत में होगी।

मामले के प्रमुख बिंदु

  • अमेरिका के स्टूडेंट और विजिटर वीजा के नाम पर संगठित धोखाधड़ी।
  • 154 आवेदकों के बैंक खातों में अस्थायी रूप से 40 लाख रुपये जमा कर फर्जी फंड प्रूफ तैयार किया गया।
  • प्रत्येक आवेदक से लगभग 40 हजार रुपये वसूले गए।
  • फर्जी डिग्री, अनुभव प्रमाणपत्र और वित्तीय दस्तावेज तैयार किए गए।
  • ईडी ने 19 लाख रुपये नकद और करीब एक किलो सोने की ईंट बरामद की।
  • 2.14 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का पता चला और उतनी ही संपत्तियां अटैच की गईं।

भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को नुकसान

ED Visa Fraud Case: विदेश में पढ़ाई या नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करना केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे मामलों में एजेंसियों की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन साथ ही लोगों को भी केवल अधिकृत और सत्यापित इमिग्रेशन सलाहकारों की सेवाएं लेनी चाहिए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वीजा पाने की कोशिश अंततः आवेदक के भविष्य को भी गंभीर खतरे में डाल सकती है।


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Priyanka C. Mishra

Priyanka C. Mishra

प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।