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नागपुर में फुटपाथ पर बन रहे टैटू से लोगों की सेहत पर बढ़ रहा खतरा, विशेषज्ञों ने बरतने को कहा सावधानी

नागपुर में फुटपाथ पर बन रहे टैटू से लोगों की सेहत पर बढ़ रहा खतरा, विशेषज्ञों ने बरतने को कहा सावधानी
Nagpur footpath tattoo health risk: नागपुर में फुटपाथ पर बन रहे टैटू से लोगों की सेहत पर बढ़ रहा खतरा, विशेषज्ञों ने बरतने को कहा सावधानी (Image: AI)

Nagpur footpath tattoo health risk: नागपुर में फुटपाथ और सड़क किनारे कम कीमत में टैटू बनाने का चलन बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्वच्छ उपकरण, खराब इंक और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से केवल सुरक्षित और साफ-सुथरे केंद्रों पर ही टैटू बनवाने तथा पूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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Asfi Shadab
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टैटू बनवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Nagpur footpath tattoo health risk: नागपुर शहर में फुटपाथ और सड़क किनारे बन रहे टैटू लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। शहर में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक टैटू बनवाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कई अस्थायी टैटू केंद्रों पर सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की अनदेखी हो रही है।

जानकारी के मुताबिक, कई फुटपाथ पर टैटू बनाने वाले कलाकार एक ही उपकरण और सामग्री का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं। एक ही इंक कई ग्राहकों पर इस्तेमाल होने के मामले भी सामने आए हैं। कुछ कलाकार नीडल बदलने का दावा करते हैं, लेकिन इंक और अन्य उपकरणों की उचित सफाई नहीं रखी जाती।

विशेषज्ञों के अनुसार, अस्वच्छ उपकरणों से त्वचा संबंधी संक्रमण, एलर्जी और रक्त के जरिए फैलने वाली गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि टैटू बनवाने से पहले नई और पूरी तरह स्टरलाइज्ड नीडल तथा प्रमाणित इंक के इस्तेमाल की पुष्टि जरूर करनी चाहिए। टैटू के बाद उचित देखभाल न होने पर संक्रमण की आशंका और बढ़ जाती है।

कम कीमत के चक्कर में सेहत से समझौता न करें

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि टैटू हटवाना आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए लेज़र ट्रीटमेंट जैसी महंगी और कई सत्रों में पूरी होने वाली प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जो दर्दनाक भी हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से फुटपाथ पर चल रहे अस्थायी टैटू केंद्रों की नियमित जांच की मांग की है, ताकि इस्तेमाल हो रही इंक, नीडल और अन्य सामग्री तय मानकों और वैध एक्सपायरी के अनुरूप हो।

विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल कम कीमत के लालच में कहीं भी टैटू न बनवाएं, बल्कि केंद्र की स्वच्छता और कलाकार के अनुभव की पूरी जांच करें। आगे प्रशासन की ओर से इन अस्थायी केंद्रों पर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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