नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति ने न्यायमूर्ति बी. आर. गवई पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया, संविधान और न्याय व्यवस्था की मजबूती पर दिया जोर

Vice President releases The Voice of Justice Justice Gavai Speaks book: नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति ने "द वॉइस ऑफ जस्टिस: जस्टिस गवई स्पीक्स" पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि संविधान देश की सबसे मजबूत नींव है और लोकतंत्र की मजबूती जनता के विश्वास, ईमानदारी और संवैधानिक मूल्यों पर निर्भर करती है। उन्होंने गरीब लोगों तक न्याय पहुंचाने और वकीलों से निःशुल्क कानूनी सहायता देने की भी अपील की।
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संविधान और न्याय व्यवस्था पर उपराष्ट्रपति का संदेश
Vice President releases The Voice of Justice Justice Gavai Speaks book: नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति ने सोमवार को “द वॉइस ऑफ जस्टिस: जस्टिस गवई स्पीक्स” पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मजबूत संस्थाएं और न्याय व्यवस्था केवल ईमानदारी, संवैधानिक अनुशासन और जनता के विश्वास के आधार पर ही टिकाऊ बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान लोकतांत्रिक स्थिरता, न्याय और राष्ट्रीय एकता की सबसे मजबूत नींव है, और इसके मूल्यों की रक्षा हर नागरिक और संस्था की जिम्मेदारी है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक जीवन का मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक शासन व्यवस्था को नागरिकों की बदलती आकांक्षाओं के अनुरूप संवेदनशील और उत्तरदायी बने रहना चाहिए। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब शासन व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
न्यायपालिका और विधि समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्गों तक न्याय पहुंचाना सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने वकीलों से आग्रह किया कि वे निर्धन और जरूरतमंद लोगों को समय-समय पर निःशुल्क कानूनी सहायता दें, ताकि आर्थिक स्थिति किसी के लिए न्याय पाने में बाधा न बने।



न्यायमूर्ति बी. आर. गवई के योगदान की सराहना
उपराष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की न्यायिक यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका जीवन और कार्य संविधान के प्रति निष्ठा, निष्पक्षता और न्याय के मूल सिद्धांतों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक विद्यार्थियों, विधि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और आम पाठकों के लिए न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने में उपयोगी सिद्ध होगी, और न्यायमूर्ति गवई के विचारों को व्यापक समाज तक पहुंचाने में योगदान देगी।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में विधि और न्यायपालिका जगत से जुड़ी हस्तियां उपस्थित रहीं।



रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

