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CBI Action: यूएई से भारत लाई गई 88 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की आरोपी विशाखा राठौड़

CBI Action: यूएई से भारत लाई गई 88 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की आरोपी विशाखा राठौड़
CBI Action: यूएई से भारत लाई गई 88 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की आरोपी विशाखा राठौड़ ( image - AI )

Vishakha Rathod : निवेश पर हर महीने मुनाफे का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाली विशाखा राठौड़ को सीबीआई यूएई से भारत ले आई। अब जांच में कई बड़े खुलासों की उम्मीद है।

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Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
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सीबीआई और महाराष्ट्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई

CBI Action: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आर्थिक अपराध के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। 88 करोड़ रुपये के कथित इन्वेस्टमेंट फ्रॉड मामले में फरार चल रही आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत वापस लाया गया है। इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद 3 अगस्त को उसे भारत लाया गया, जहां पुणे पहुंचते ही महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई को सीबीआई ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, इंटरपोल और यूएई की संबंधित एजेंसियों के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया।

विशाखा राठौड़ महाराष्ट्र के पुणे में दर्ज एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी है। वह अपने पति अविनाश अर्जुन राठौड़ के साथ एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी नामक कंपनी का संचालन करती थी। यह कंपनी दिसंबर 2020 में पंजीकृत हुई थी। दोनों मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती के रहने वाले बताए जाते हैं और बाद में पुणे के रावेत क्षेत्र में रहने लगे थे।

निवेशकों को तय मुनाफे का लालच देकर जुटाए करोड़ों रुपये

पुलिस जांच के अनुसार, विशाखा राठौड़ और उसके पति ने लोगों को हर महीने तय और आकर्षक मुनाफा देने का दावा किया। उन्होंने कई इन्वेस्टमेंट स्कीम शुरू कीं और निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा तथा हर महीने निश्चित रिटर्न मिलेगा।

इसी भरोसे में बड़ी संख्या में लोगों ने लाखों और करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान किया गया, जिससे अन्य लोगों का भरोसा भी बढ़ गया। लेकिन बाद में कंपनी ने तय रिटर्न देना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, निवेशकों की मूल राशि भी वापस नहीं की गई। इसके बाद कई पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।

अप्रैल 2023 में दर्ज हुई थी एफआईआर

इस मामले में अप्रैल 2023 में पुणे के चतुःश्रृंगी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हुई और बाद में मामला महाराष्ट्र पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया।

जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को कई बैंक खातों और डीमैट अकाउंट के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरी योजना के जरिए करीब 88 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।

पहले पति अविनाश राठौड़ भी हो चुका है गिरफ्तार

विशाखा राठौड़ से पहले उसके पति और इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को भी यूएई से भारत लाया जा चुका है। महाराष्ट्र पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने आवश्यक अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जुलाई 2026 में उसे भारत लाकर गिरफ्तार किया था।

अविनाश राठौड़ की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां लगातार विशाखा राठौड़ की तलाश कर रही थीं। उसके खिलाफ भी इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी किया गया था। आखिरकार यूएई में उसकी मौजूदगी का पता चलने के बाद उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

इंटरपोल के रेड नोटिस से मिली बड़ी सफलता

सीबीआई के अनुसार, आरोपी के खिलाफ जारी इंटरपोल रेड नोटिस ने उसे खोजने और भारत वापस लाने में अहम भूमिका निभाई। रेड नोटिस किसी भी सदस्य देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को यह सूचना देता है कि संबंधित व्यक्ति गंभीर अपराध का आरोपी है और उसकी गिरफ्तारी या हिरासत में सहयोग किया जाए।

भारत में इंटरपोल से जुड़े मामलों की नोडल एजेंसी सीबीआई है। एजेंसी विदेशों में फरार अपराधियों का पता लगाने और उन्हें भारत वापस लाने के लिए विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय करती है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण हाल के वर्षों में कई भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता मिली है।

अब जांच का दायरा और बढ़ेगा

विशाखा राठौड़ के भारत आने के बाद महाराष्ट्र पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि निवेशकों से जुटाई गई रकम किन-किन खातों में भेजी गई, क्या पैसे को विदेशों में ट्रांसफर किया गया और इस कथित धोखाधड़ी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि कंपनी के जरिए और कितने लोगों से पैसा लिया गया था तथा इस पूरे नेटवर्क में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका थी या नहीं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

निवेशकों के लिए भी बड़ा सबक

यह मामला एक बार फिर बताता है कि बिना किसी जोखिम के हर महीने तय और अधिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण, कारोबार और नियामक मंजूरी की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। केवल बड़े मुनाफे के वादों पर भरोसा कर निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

विदेश भागने वाले आरोपियों को छोड़ेंगे नहीं

CBI Action: सीबीआई और महाराष्ट्र पुलिस ने साफ कहा है कि आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले आरोपियों को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय सहयोग, इंटरपोल, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से ऐसे सभी भगोड़ों को भारत वापस लाकर कानून के दायरे में लाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

फिलहाल विशाखा राठौड़ महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत में है। उससे पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से 88 करोड़ रुपये के कथित इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से जुड़े कई नए राज सामने आएंगे और पीड़ित निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में जांच और मजबूत होगी।


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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।