Nagpur News: विदर्भ के आयातकों-निर्यातकों से एईओ योजना का लाभ लेने की एनवीसीसी की अपील

Vidarbha Import Export Business AEO Scheme NVCC Appeal: एनवीसीसी ने नागपुर और विदर्भ के आयातकों-निर्यातकों से एईओ योजना अपनाने की अपील की है। योजना से कस्टम प्रक्रिया तेज, आसान और कम खर्च वाली हो सकती है। व्यापारियों को कम जांच, प्राथमिकता क्लीयरेंस और अन्य सुविधाएं मिलने की संभावना है। चेंबर ने कहा कि यह योजना विदर्भ के व्यापार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में मदद करेगी।
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एईओ योजना से विदर्भ के व्यापार को मिल सकता है लाभ
Vidarbha Import Export Business AEO Scheme NVCC Appeal: नागपुर, 22 जुलाई: नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स (एनवीसीसी) ने नागपुर-विदर्भ क्षेत्र के आयातकों, निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े व्यवसायियों से अधिकृत आर्थिक ऑपरेटर एईओ (AEO) योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। चेंबर के अनुसार, यह योजना बेहतर अनुपालन वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीमा शुल्क विभाग द्वारा विशेष सुविधाएं देती है, जिससे आयात-निर्यात प्रक्रिया तेज, सरल और किफायती बनती है।
एनवीसीसी के उपाध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर ने कहा कि विदर्भ के व्यापारियों को बंदरगाहों से दूरी, परिवहन समय, भंडारण लागत और कस्टम क्लीयरेंस में लगने वाले समय जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार, “एईओ प्रमाणन मिलने पर कस्टम क्लीयरेंस में प्राथमिकता, कम जांच और तेजी से प्रक्रिया पूरी होने के कारण व्यापारिक लागत में कमी आएगी तथा कारोबार को नई गति मिलेगी।”
संयुक्त सचिव मनीष जेजानी ने बताया कि यह योजना अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में सुरक्षा और अनुपालन के उच्च मानकों का पालन करने वाले व्यवसायों को मान्यता देती है। इसके तहत दस्तावेजों का त्वरित निपटारा, माल की कम जांच, डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी, प्राथमिकता क्लीयरेंस और पात्र मामलों में सीमा शुल्क के स्थगित भुगतान जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
व्यापारियों से योजना का लाभ लेने की अपील
एनवीसीसी की अप्रत्यक्ष कर समिति के संयोजक सीए रितेश मेहता ने कहा, “एईओ प्रमाणन केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि व्यापार को प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रभावी माध्यम है।” उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और विदर्भ के निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
चेंबर ने निर्माताओं, मर्चेंट एक्सपोर्टर्स, नियमित आयातकों और पात्र व्यापारियों से अपनी पात्रता आंकने और योजना का लाभ लेने की अपील की। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर, संयुक्त सचिव मनीष जेजानी, सीए रितेश मेहता और अधिवक्ता यश तिवारी उपस्थित रहे। इस मौके पर सीमा शुल्क विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पंकज कुमार, नितिन अग्रवाल, आईसीडी मिहान के सहायक आयुक्त संजय नंदेश्वर तथा डॉ. पूनम धरमसे का भी अभिनंदन किया गया।
चेंबर ने कहा कि वह भविष्य में भी आयात-निर्यात व्यापारियों को मार्गदर्शन देने और सरकारी विभागों व व्यापार जगत के बीच सेतु की भूमिका निभाता रहेगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

