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नागपुर में पोखरा योजना के तहत मत्स्य व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा

PoCRA Scheme Nagpur: नागपुर में पोखरा योजना और मत्स्य व्यवसाय को लेकर अहम बैठक
PoCRA Scheme Nagpur: नागपुर में पोखरा योजना और मत्स्य व्यवसाय को लेकर अहम बैठक

PoCRA Scheme Nagpur: नागपुर में जिलाधिकारी डॉ विपीन इटनकर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धरती आबा योजना की समीक्षा बैठक हुई। पोखरा योजना के तहत 60 शेततलाबों में मत्स्य व्यवसाय शुरू किया जाएगा। सभी विभागों को मिलकर काम करने और किसानों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

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नागपुर में पोखरा योजना के तहत किसानों और मछली पालन को बढ़ावा

नागपुर जिले में पोखरा योजना के तहत किसानों की उन्नति के साथ-साथ मत्स्य व्यवसाय को भी गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी डॉ विपीन इटनकर ने स्पष्ट किया कि जिले में मौजूद छोटे और बड़े तालाबों का उपयोग करके मछली पालन को बढ़ावा देना जरूरी है। उनका मानना है कि सभी सरकारी विभागों का सहयोग मिले तो विकास के लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं।

जिलाधिकारी कार्यालय में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री धरती आबा योजना की जिला नियंत्रण समिति की पहली बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए जो जिले के किसानों और मछली पालकों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

बैठक में किन अधिकारियों ने लिया हिस्सा

जिलाधिकारी डॉ विपीन इटनकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलकिशोर फुटाणे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रविंद्र मनोहरे, आदिवासी विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नितीन इसोकर ने भागीदारी की।

इसके अलावा सहायक आयुक्त मत्स्य व्यवसाय शुभम कोमरेवार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के प्रतिनिधि, दो गैर सरकारी सदस्य और मत्स्य विकास अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने योजना को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।

PoCRA Scheme Nagpur: नागपुर में पोखरा योजना और मत्स्य व्यवसाय को लेकर अहम बैठक
PoCRA Scheme Nagpur: नागपुर में पोखरा योजना और मत्स्य व्यवसाय को लेकर अहम बैठक

प्रधानमंत्री धरती आबा योजना के प्रस्तावों पर चर्चा

बैठक में प्रधानमंत्री धरती आबा योजना के तहत मिले प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी अधिकारियों ने मिलकर इन प्रस्तावों की समीक्षा की और उन्हें राज्य सरकार को भेजने का सकारात्मक फैसला लिया। यह योजना किसानों और मछली पालकों को आर्थिक मदद देने के लिए बनाई गई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे समय पर काम पूरा करें ताकि किसानों को जल्द से जल्द फायदा मिल सके।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की प्रगति

पिछले पांच सालों से लागू प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की अवधि मार्च में खत्म होने वाली है। इस योजना के तहत जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने का काम किया गया है। बैठक में इस योजना की प्रगति की जानकारी पीपीटी प्रेजेंटेशन के जरिए दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से जिले में कितना आर्थिक विकास हुआ है और किन नए तरीकों को अपनाया गया है। जिलाधिकारी डॉ इटनकर ने इस प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि आगे भी ऐसे ही काम करना होगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजना के बचे हुए काम को जल्द पूरा किया जाए।

PoCRA Scheme Nagpur: नागपुर में पोखरा योजना और मत्स्य व्यवसाय को लेकर अहम बैठक
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शेततलाबों में मत्स्य व्यवसाय की योजना

नागपुर जिले में 60 शेततलाबों में मत्स्य व्यवसाय शुरू करने का प्रस्ताव है। बैठक में इन तालाबों की समीक्षा की गई और उनमें मछली पालन की योजना पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में छोटे और बड़े कई तालाब हैं जिनका सही इस्तेमाल होना चाहिए।

इन तालाबों में मछली पालन से किसानों को अतिरिक्त आय होगी। साथ ही इससे स्थानीय बाजार में ताजा मछली की उपलब्धता भी बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि इन तालाबों के लिए तकनीकी सहायता और वित्तीय मदद दी जाएगी।

पोखरा योजना में मत्स्य व्यवसाय को जोड़ना जरूरी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पोखरा यानी PoCRA योजना सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसमें मत्स्य व्यवसाय को भी शामिल करना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सहायक आयुक्त मत्स्य व्यवसाय, नागपुर को पोखरा योजना की बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।

इससे दोनों योजनाओं में बेहतर तालमेल बनेगा और किसानों को दोहरा फायदा होगा। पोखरा योजना के तहत बनाए जा रहे जल संरचनाओं में मछली पालन की सुविधा भी जोड़ी जाएगी। यह कदम जिले के किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

विभिन्न विभागों का सहयोग जरूरी

डॉ इटनकर ने कहा कि कृषि और किसानों के विकास के लिए सभी सरकारी विभागों को मिलकर काम करना होगा। कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग, जिला परिषद और बैंक सभी को एक साथ आना होगा। तभी जिले के विकास के लक्ष्य समय पर पूरे हो सकेंगे।

उन्होंने सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने काम में तेजी लाएं और किसी भी समस्या को तुरंत हल करें। विभागों के बीच बेहतर समन्वय से योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा।

बैंकों की भूमिका

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बैठक में आश्वासन दिया कि मछली पालन और कृषि से जुड़ी योजनाओं के लिए किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक की ओर से विशेष ऋण योजनाएं भी शुरू की जाएंगी जिससे छोटे किसान और मछली पालक आसानी से लोन ले सकें।

बैंक अधिकारियों ने कहा कि वे मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण देने की योजना बना रहे हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस व्यवसाय से जुड़ सकेंगे।

मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय का सहयोग

मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए तैयार हैं। महाविद्यालय की ओर से समय-समय पर कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे मछली पालकों को आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलेगी और उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।

महाविद्यालय के विशेषज्ञ किसानों को बेहतर नस्ल की मछलियों के बारे में बताएंगे और उनके रखरखाव की सलाह देंगे। इससे किसानों की आमदनी में इजाफा होगा।

किसानों के लिए नई उम्मीद

नागपुर जिले के किसानों के लिए यह बैठक नई उम्मीद लेकर आई है। पोखरा योजना और मत्स्य संपदा योजना के तालमेल से उन्हें खेती के साथ-साथ मछली पालन से भी आय होगी। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकेंगे।

जिलाधिकारी का यह कदम किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सभी विभागों के सहयोग से यह योजनाएं सफल होंगी और नागपुर जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।