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Janakpuri Death Pit, Delhi Biker Dies: दिल्ली जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइकर की मौत, राजनीतिक घमासान
Janakpuri Death Pit, Delhi Biker Dies: दिल्ली जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइकर की मौत, राजनीतिक घमासान (Image Source: X/@talk2anuradha)

Janakpuri Death Pit, Delhi Biker Dies: दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय एचडीएफसी बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी की मौत हो गई। परिवार ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। तीन इंजीनियर निलंबित किए गए और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। घटना ने भाजपा-आप के बीच राजनीतिक घमासान शुरू कर दिया।

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दिल्ली की राजधानी में एक बार फिर लापरवाही की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जनकपुरी इलाके में एक युवक की सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दुखद है बल्कि इससे दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया है।

घटना का विवरण और पीड़ित की पहचान

बुधवार देर रात जनकपुरी इलाके में एक युवा बाइकर अपाचे आरटीआर 200 बाइक पर जा रहा था। 25 वर्षीय कमल ध्यानी एचडीएफसी बैंक की रोहिणी शाखा में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। ऑफिस से घर लौटते समय उन्होंने अपने जुड़वां भाई करण को फोन कर बताया कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। लेकिन उसके बाद उनका फोन आता रहा लेकिन जवाब नहीं मिला।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में गड्ढे की तली में कमल का शव और उनकी बाइक दिखाई दे रही है। हेलमेट, राइडिंग जैकेट और दस्ताने पहने होने के बावजूद वह इस दुर्घटना का शिकार हो गए। दिल्ली जल बोर्ड के निर्माण कार्य के लिए सड़क पर एक गड्ढा खोदा गया था जिसमें कमल गिर गए।

परिवार की तड़प और पुलिस से शिकायत

कमल के परिवार ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके भाई करण ने बताया कि जब कमल घर नहीं पहुंचे तो उन्होंने रात 12:30 बजे फिर से फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित होकर परिवार ने उन्हें खोजना शुरू किया।

करण ने कहा, “मैंने पहले उनके रोहिणी स्थित ऑफिस जाकर देखा फिर जनकपुरी थाने गया। पुलिस ने उनकी आखिरी लोकेशन इस इलाके में बताई। हमने उन्हें खोजा लेकिन नहीं मिले। यह बहुत बड़ी लापरवाही है।”

परिवार का दावा है कि उन्होंने कम से कम 6 पुलिस स्टेशनों का दौरा किया लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। सुबह जब करण ने फिर से कमल के फोन पर कॉल किया तो पुलिस ने फोन उठाया और बताया कि उनका शव गड्ढे से बरामद हुआ है।

Janakpuri Death Pit, Delhi Biker Dies: दिल्ली जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइकर की मौत, राजनीतिक घमासान
Janakpuri Death Pit, Delhi Biker Dies: दिल्ली जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइकर की मौत, राजनीतिक घमासान (Image Source: X/@talk2anuradha)

दोस्त ने भी उठाए सवाल

कमल के दोस्त ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जब वे शिकायत दर्ज कराने गए तो पुलिस ने कहा कि सुबह 11 बजे से पहले शिकायत दर्ज नहीं होगी। पुलिस ने फोन ट्रैक करने में मदद की लेकिन सटीक लोकेशन नहीं बताई।

दोस्त ने कहा, “7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उन्हें ढूंढते रहे लेकिन नहीं मिले। रात 1 बजे जब हमने इस गड्ढे को चेक किया तो वह वहां नहीं थे। सुबह 7 बजे जब हम घर लौटे तो पुलिस ने फोन करके बताया कि वह गड्ढे में हैं। हमें संदेह है कि उनकी हत्या की गई है।”

पुलिस का पक्ष और जवाब

दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि जैसे ही करण रात 2:45 बजे जनकपुरी थाने पहुंचे, उन्होंने कमल के फोन को ट्रैक किया। एक कांस्टेबल ने परिवार के साथ करीब ढाई घंटे तक तलाश भी की।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस शरद भास्कर ने कहा, “दिल्ली जल बोर्ड के काम के लिए गड्ढा खोदा गया था। कमल की बाइक इस गड्ढे में गिर गई और दुर्भाग्य से उनकी मौत हो गई। हम इस कार्य के सभी हितधारकों की जांच करेंगे।”

उन्होंने कहा कि सुबह 8 बजे एक महिला ने पुलिस को सूचित किया कि 15 फीट गहरे गड्ढे में एक शव पड़ा है। तभी सारी बात सामने आई। अगर परिवार कहता है कि उन्हें 6-7 थानों से मदद नहीं मिली तो इसकी जांच की जाएगी।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज की

पुलिस ने ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (आपराधिक मानव वध) के तहत एफआईआर दर्ज की है। अधिकारी ने कहा कि जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तीन इंजीनियर निलंबित

दिल्ली जल बोर्ड ने घटना के बाद तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह तीनों अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे यहां चल रहे कार्य की निगरानी करें।

उन्होंने बताया कि साइट पर काम पिछले तीन महीने से चल रहा था लेकिन गड्ढा गुरुवार को खोदा गया था। दिल्ली जल बोर्ड ने जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो शाम तक रिपोर्ट सौंपेगी।

राजनीतिक घमासान शुरू

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कमल की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने नोएडा की घटना से कुछ नहीं सीखा जहां एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर जलभराव वाले प्लॉट में डूबने से मर गया था।

केजरीवाल ने कहा, “यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब भाजपा सरकारों की पहचान बन गया है और आम लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मोटरसाइकिल सवार की मौत की निंदा करते हुए कहा कि असली दोषी सड़क नहीं बल्कि गैर-जिम्मेदार सरकार है। उन्होंने कहा, “लालच और लापरवाही की महामारी ने आज एक और युवा जीवन ले लिया। यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है।”

मंत्री ने दी सफाई

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी करने वाले जल बोर्ड के किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि जल बोर्ड ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का ऑडिट किया था और सर्कुलर जारी किए थे।

सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल

यह घटना दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सड़क पर खुले गड्ढे, कमजोर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की कमी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करना जानलेवा साबित हो रहा है।

यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि व्यवस्थागत विफलता का उदाहरण है। पुलिस की देरी, ठेकेदारों की लापरवाही और सरकारी विभागों की निगरानी की कमी ने एक युवा जीवन की कीमत ली है। अब सवाल यह है कि क्या इस घटना के बाद व्यवस्था में सुधार होगा या यह सिर्फ एक और मामला बनकर रह जाएगा।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।