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संसद में हंगामा: स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री को सदन में आने से रोका, कहा- कांग्रेस सांसद कर सकते थे हमला

संसद में हंगामा: स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री को सदन में आने से रोका, कहा- कांग्रेस सांसद कर सकते थे हमला
Lok Sabha Speaker On PM Modi: स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री को सदन में आने से रोका, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप (Image Source: Sansad TV)

Lok Sabha Speaker On PM Modi: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने खुलासा किया कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री मोदी को सदन में आने से रोका था क्योंकि कांग्रेस सांसद शारीरिक हमला कर सकते थे। पीएम की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। प्रियंका गांधी ने आरोपों को खारिज किया। लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित की गई।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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Lok Sabha Speaker On PM Modi: देश की संसद में बुधवार को हुए हंगामे ने एक बार फिर लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से मना किया था। स्पीकर का यह बयान राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला चुका है। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला कर सकते थे। इस बीच संसद में बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

संसद का माहौल और स्पीकर की चिंता

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि संसद में जो माहौल बना हुआ था, वह बेहद चिंताजनक था। उन्होंने कहा कि अगर कोई अप्रिय घटना हो जाती तो देश के लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार हो जाती। ऐसी स्थिति को टालने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह सदन में न आएं। स्पीकर ने बताया कि आखिरकार प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर करने का फैसला लिया गया। यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नहीं दे सके।

भाजपा सांसद का समर्थन

इस मामले पर भाजपा की सांसद अपराजिता सारंगी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बात बिल्कुल सही है कि प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा खतरे में थी। उन्होंने लोकसभा स्पीकर का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते सही फैसला लिया और प्रधानमंत्री को बुधवार को संसद में आने से रोक दिया। भाजपा का मानना है कि विपक्ष की ओर से जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया गया था जिससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंचे।

प्रियंका गांधी का पलटवार

इस पूरे मामले पर जब कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी से सवाल किया गया तो उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सभी बातें बिल्कुल गलत हैं। प्रियंका ने तंज कसते हुए कहा कि अगर तीन महिला सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर खड़ी हो गईं तो उन्हें खतरा हो गया। यह कैसी बात है? उन्होंने मीडियाकर्मियों से सवाल किया कि आप लोग अमित शाह या फिर मोदी से क्यों नहीं पूछते कि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसद में बोलने से रोकने का क्या आधार था। प्रियंका ने आरोप लगाया कि मीडिया सरकार से कोई सवाल ही नहीं पूछती है।

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

संसद में बढ़ते तनाव को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बुधवार को जो कुछ हुआ वह बेहद अप्रत्याशित और दुखद था। स्पीकर ने कहा कि विपक्ष के कुछ सांसदों का लोकसभा में जो बर्ताव देखने को मिला, वह लोकसभा के पूरे इतिहास में एक काले धब्बे की तरह दर्ज हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का बर्ताव सदन में हुआ था वह बिल्कुल अप्रत्याशित था और ऐसा माहौल किसी भी सदन में नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस पर गंभीर आरोप

Lok Sabha Speaker On PM Modi: लोकसभा स्पीकर ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कुछ गलत बर्ताव करने की योजना बनाई जा रही थी। इसी वजह से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा पर प्रधानमंत्री के जवाब वाले भाषण को टाल दिया गया। उनकी स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। यह एक असामान्य स्थिति थी जो पिछले 21 सालों में नहीं देखी गई थी। स्पीकर का मानना है कि सभी सांसदों को संसद की कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए और ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए जिससे लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचे।

रविशंकर प्रसाद का बयान

इस पूरे प्रकरण पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आखिर विपक्ष क्या चाहता है। प्रधानमंत्री का रास्ता रोका जाए और उन्हें घेर लिया जाए, यह क्या बात है? उन्होंने कहा कि लोकसभा आखिर किसलिए है। हर कोई इस बात से दुखी है कि विपक्ष किस स्तर पर संसद को ले आया है। प्रसाद ने कहा कि स्पीकर ने आज अपनी पीड़ा जाहिर की है जो बिल्कुल सही है।

विपक्ष और सत्ता पक्ष में टकराव

यह पूरा प्रकरण एक बार फिर दिखाता है कि संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव कितना गहरा हो चुका है। एक तरफ सरकार का कहना है कि विपक्ष संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहा है तो दूसरी तरफ विपक्ष का आरोप है कि उन्हें बोलने का मौका ही नहीं दिया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर संसद में स्वस्थ बहस और चर्चा का माहौल कब बनेगा। लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था में इस तरह के हंगामे देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

आगे की राह

अब देखना यह है कि शुक्रवार को जब संसद की कार्यवाही फिर से शुरू होगी तो माहौल कैसा रहता है। क्या विपक्ष और सत्ता पक्ष आपस में बातचीत करके कोई रास्ता निकाल पाएंगे या फिर यह टकराव और बढ़ेगा। संसद में चल रहे सत्र में अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी बाकी है। ऐसे में यह जरूरी है कि सभी दल मिलकर संसद को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें। देश की जनता भी यही उम्मीद करती है कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि संसद में बैठकर देश के विकास और जनता की समस्याओं पर चर्चा करें न कि आपसी टकराव में समय बर्बाद करें।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।