Sahil Goyal Police Interrogation: केतन अग्रवाल हत्याकांड में भाई साहिल से लंबी पूछताछ, जांच का दायरा बढ़ा

Ujjwal Nikam : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। जांच में सिया और चेतन चौधरी के संबंधों समेत डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने मामले की पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है।
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उज्ज्वल निकम होंगे विशेष लोक अभियोजक
Sahil Goyal Police Interrogation: पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। शुक्रवार को पुणे ग्रामीण पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से कई घंटों तक पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ का उद्देश्य सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी के संबंधों, उनके संपर्क और घटना से पहले की परिस्थितियों को समझना था। पूछताछ पूरी होने के बाद साहिल को जाने की अनुमति दे दी गई। विभिन्न विश्वसनीय रिपोर्टों में पूछताछ की अवधि लगभग 8 से 10 घंटे बताई गई है।
2,004 फोन कॉल और करीब 238 घंटे की बातचीत
जांच एजेंसियों के अनुसार साहिल गोयल, चेतन चौधरी को पहले से जानता था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिया और चेतन का संपर्क कैसे बढ़ा और क्या परिवार को इस संबंध की पहले से जानकारी थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि दोनों की पहचान क्रिकेट के माध्यम से हुई थी और बाद में उनके बीच लगातार संपर्क बना रहा। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच लगभग 2,004 फोन कॉल और करीब 238 घंटे की बातचीत दर्ज होने का दावा किया गया है। हालांकि इन आंकड़ों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से होगी।
पुलिस का आरोप है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की मौत पहले दुर्घटना प्रतीत हुई, लेकिन बाद की जांच में हत्या की आशंका सामने आई। जांच के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि डिजिटल साक्ष्य, चैट रिकॉर्ड और अन्य फॉरेंसिक सामग्री की जांच जारी है।
कई नए पहलुओं की भी पड़ताल
जांच के दौरान कई नए पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सिया ने पुलिस को विवाह नहीं करने की इच्छा जताई थी और कुछ रिपोर्टों में ‘विग’ (हेयर पैच) से जुड़ी बातें भी सामने आई हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसा कोई तथ्य मौजूद भी है, तो उसे हत्या का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस फिलहाल किसी एक कथित वजह को अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की घोषणा
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने की घोषणा की है। निकम ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने सरकार का अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
आरोपियों के आपसी संबंधों की भी गहन जांच
अब तक सामने आए तथ्यों से यह स्पष्ट है कि पुलिस केवल प्रत्यक्ष घटनाक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, पारिवारिक पृष्ठभूमि, आर्थिक पहलू और आरोपियों के आपसी संबंधों की भी गहन जांच कर रही है। हालांकि मीडिया में कई सनसनीखेज दावे सामने आए हैं, लेकिन इनमें से अनेक दावे अभी पुलिस जांच का हिस्सा हैं और न्यायालय में उनकी पुष्टि होना बाकी है।
चार्जशीट दाखिल होना बाकी
Sahil Goyal Police Interrogation: कानूनी दृष्टि से अभी यह मामला विचाराधीन है। पुलिस ने आरोप लगाए हैं, जांच जारी है और चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। इसलिए किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना अंतिम निर्णय नहीं दे देती। यही इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति है।

