Rashtra Bharat Logo
Banner

Kanyaratna Scheme Suvendu Adhikari: बंगाल में शुरू हुई ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना

Kanyaratna Scheme Suvendu Adhikari: बंगाल में शुरू हुई ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना
Kanyaratna Scheme Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल में लागू हुई ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना।कन्यारत्न दिवस पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने छात्राओं के लिए 50,000 की ग्रांट और कई बड़े ऐलान किए। (File photo)

Kanyaratna Scheme Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल में लागू हुई ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना।कन्यारत्न दिवस पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने छात्राओं के लिए 50,000 की ग्रांट और कई बड़े ऐलान किए।

Updated:
·by
Shinki Singh
Shinki Singh
Share:

विषयसूची

सीएम शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

Kanyaratna Scheme Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ‘कन्यारत्न दिवस’ के अवसर पर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने धनाधान्य ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में आधिकारिक तौर पर केंद्र सरकार की लोकप्रिय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू करने की बड़ी घोषणा की। इस कार्यक्रम में कोलकाता, हावड़ा, तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों की करीब 1,600 छात्राओं ने हिस्सा लिया।

महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम शुरू किया था जिसे देश के अन्य राज्यों में लागू किया गया  लेकिन पिछली सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल इसमें शामिल नहीं हो पाया था।मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य की छात्राएं समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी और मातंगिनी हाजरा के जज़्बे से प्रेरणा लेकर देशभक्ति व राष्ट्रवाद की भावना को आगे बढ़ाएंगी।

कन्यारत्न योजना और अन्य प्रमुख घोषणाएं

  • वित्तीय सहायता: कन्यारत्न योजना के तहत इस वर्ष कुल 20,13,000 छात्राओं को आर्थिक मदद दी जाएगी जिसमें से 10,13,000 छात्राओं के खातों में शुक्रवार को ही राशि ट्रांसफर कर दी गई।

  • एकमुश्त ग्रांट: उच्च शिक्षा बीच में छोड़ने से रोकने के लिए छात्राओं को ₹50,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी जिसकी घोषणा पहले बजट में की गई थी।

  • विवेकानंद स्कॉलरशिप: पिछली सरकार के कार्यकाल की इस योजना को मौजूदा सरकार ने भी जारी रखा है जिसके तहत 60% या उससे अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद मिलेगी।

  • विशेष फंड: राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए 100 करोड़ का अलग से फंड तय किया गया है।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Shinki Singh

Shinki Singh

शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।