Anant Maharaj Banga Bibhushan: बंगाल सरकार ने बीजेपी सांसद अनंत महाराज से वापस लिया ‘बंग विभूषण’ सम्मान

Anant Maharaj Banga Bibhushan: नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर विवादित टिप्पणी के बाद बंगाल सरकार का बड़ा एक्शन। बीजेपी सांसद अनंत महाराज से 'बंग विभूषण' सम्मान वापस।
विषयसूची
अनंत महाराज ने ऐसा क्या कहा जिस पर हुआ हंगामा
Anant Maharaj Banga Bibhushan: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में एक बड़े नेता ने विवादित बयान दे दिया। इस बात पर भारी हंगामा हुआ तो राज्य की बीजेपी सरकार ने कड़ा कदम उठाया और अपनी ही पार्टी के राज्यसभा सांसद नगेंद्रनाथ रॉय यानी अनंत महाराज से उनका ‘बंग विभूषण’ सम्मान तुरंत वापस ले लिया।
नेताजी पर की गई थी आपत्तिजनक टिप्पणी
कूचबिहार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले और राजवंशी समुदाय के बड़े नेता अनंत महाराज ने कुछ दिन पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान और उनकी भूमिका को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कथित तौर पर नेताजी को लेकर ऐसी टिप्पणियां की थीं जिससे राज्य की भावनाओं को ठेस पहुंची। इस बयान के सामने आते ही सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
सीएम शुभेंदु अधिकारी का कड़ा संदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को ही पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दे दिए थे कि राष्ट्र नायकों का अपमान करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि कानून के सामने सांसद, विधायक या कोई आम नागरिक एक समान है। सरकार के इस निर्देश के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अनंत महाराज के एक करीबी किरण कुमार दास को उत्तर दिनाजपुर से गिरफ्तार कर लिया है जो इस विवाद से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया पर सक्रिय था।
सांसद अनंत महाराज की सफाई
सम्मान वापस लिए जाने और गिरफ्तारी की आशंका के बीच अनंत महाराज ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कोई अपमानजनक बात नहीं कही है। उनका दावा है कि उन्होंने इतिहास के दस्तावेजों और किताबों में दर्ज बयानों का केवल हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि यदि कानून सबके लिए समान है तो वह इसका सम्मान करते हैं लेकिन इतिहास के पन्नों में जो लिखा है उसे रखना कोई अपराध नहीं है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य
दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी दो टूक कहा है कि पार्टी किसी भी परिस्थिति में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान से समझौता नहीं करेगी और यदि कोई उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाएगा तो उस पर संगठन स्तर पर भी कठोर निर्णय लिया जाएगा।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

