Rashtra Bharat Logo

West Bengal News: आधे घंटे तक मोबाइल से गायब रहें नेटवर्क, तो खाली हो सकता है बैंक खाता

West Bengal News: आधे घंटे तक मोबाइल से गायब रहें नेटवर्क, तो खाली हो सकता है बैंक खाता
West Bengal News: आधे घंटे तक मोबाइल से नेटवर्क गायब रहना साइबर फ्रॉड का संकेत हो सकता है। जानिए सिम स्वैपिंग फ्रॉड क्या है और इससे अपने बैंक खाते को कैसे सुरक्षित रखें।(File Photo)

West Bengal News: आधे घंटे तक मोबाइल से नेटवर्क गायब रहना साइबर फ्रॉड का संकेत हो सकता है। जानिए सिम स्वैपिंग फ्रॉड क्या है और इससे अपने बैंक खाते को कैसे सुरक्षित रखें।

Updated:
·by
Shinki Singh
Shinki Singh
Share:

विषयसूची

West Bengal News: यदि आपके आसपास सभी के फोन में नेटवर्क सुचारू रूप से चल रहा है और सिग्नल ‘फुल’ दिखा रहा है लेकिन आपके मोबाइल में पिछले आधे घंटे से अधिक समय से नेटवर्क पूरी तरह गायब है तो यह खतरे की घंटी है। आप एक बड़े साइबर अपराध यानी ‘सिम स्वैपिंग फ्रॉड’ का शिकार हो सकते हैं। इस स्थिति में बैंक खातों का पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है और मिनटों में खाता खाली हो सकता है। इस गंभीर मामले को लेकर इंडियन साइबर क्राइम (Cyber Crime) कोऑर्डिनेशन सेंटर और पश्चिम बंगाल के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।

कैसे काम करता है सिम स्वैपिंग फ्रॉड

साइबर ठग इस ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपना रहे हैं।  शातिर अपराधी विभिन्न शॉपिंग मॉल में खरीदारी के दौरान या अलग-अलग लकी ड्रॉ के माध्यम से ग्राहकों के मोबाइल नंबर और व्यक्तिगत जानकारियां हासिल कर लेते हैं।  इन नंबरों का इस्तेमाल कर ठग टेलीकॉम कंपनियों के स्टोर पहुंचते हैं। वहां फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके वे आपके ही नंबर का डुप्लीकेट सिम कार्ड जारी करवा लेते हैं। जैसे ही नया डुप्लीकेट सिम एक्टिवेट होता है ग्राहक के पास मौजूद पुराना सिम कार्ड अचानक काम करना बंद कर देता है और फोन का नेटवर्क गायब हो जाता है।

महज 40 मिनट में बैंक खाता साफ

जब तक आम नागरिक नेटवर्क न आने की तकनीकी समस्या में उलझा रहता है तब तक ठग उसके बैंक खातों को साफ करने में जुट जाते हैं। बैंक से जुड़े सभी ओटीपी और महत्वपूर्ण अलर्ट सीधे अपराधियों के पास पहुँच जाते हैं। इन ओटीपी की मदद से ठग बिना ग्राहक की जानकारी के सेविंग अकाउंट से सारी रकम निकाल लेते हैं। इसके अलावा बैंकिंग ऐप्स के जरिए फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर या उस पर ओवरड्राफ्ट लोन लेकर भी बड़ी रकम का गबन किया जा सकता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि खाते से पैसे कटने का मैसेज भी असली ग्राहक को मिलता रहता है। क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से बैंक खाते को पूरी तरह खाली करने में ठगों को केवल 40 मिनट तक का समय लगता है।

बचाव और सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय

  • तुरंत पुलिस से संपर्क करें: यदि आपके फोन में बिना किसी कारण के आधे घंटे से अधिक समय से नेटवर्क गायब है और सिम बंद है। तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर संपर्क करें।

  • टेलीकॉम कंपनी को बताएं: तुरंत अपनी मोबाइल नेटवर्क प्रदाता कंपनी को कॉल करके अपने नंबर की स्थिति की जांच करवाएं।

  • सिम पिन सेट करें: सिम स्वैपिंग के खतरे को टालने के लिए अपनी टेलीकॉम कंपनी से बात करके अपने सिम पर पिन नंबर सेट करवा लें।

  • ऑथेंटिकेटर ऐप का प्रयोग करें: बैंकिंग ऐप्स में सामान्य एसएमएस आधारित ओटीपी के स्थान पर अधिक सुरक्षित ऑथेंटिकेटर ऐप्स  का उपयोग करें।


    रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

    Rashtra Bharat
    Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Shinki Singh

Shinki Singh

शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।