स्वास्थ्य और नगर विकास मंत्रियों को मुख्यमंत्री की हिदायत, दफ्तर में बैठकर काम पर दें ध्यान

स्वास्थ्य और नगर विकास मंत्रियों को मुख्यमंत्री की दो टूक हिदायत, दफ्तर में बैठकर काम करने पर जोर। जानिए किस वजह से दिया गया यह निर्देश।
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अस्पतालों के दौरे और विवादित बयानों के बाद आई हिदायत
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही तमाम चर्चाओं के बीच राज्य सचिवालय से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और नगर विकास मंत्री को मुख्यमंत्री की तरफ से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे अब सड़कों पर उतरने के बजाय अपने दफ़्तर में बैठकर काम करें। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में हुए कुछ सड़क विवादों और सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री ने यह नसीहत दी है।
कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों को सलाह
आज नवान्न में कैबिनेट की एक अहम बैठक चल रही थी। इसी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से बातचीत की और उन्हें निर्देश दिया कि वे अब अपना पूरा ध्यान दफ़्तर के कामकाज और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाने में लगाएं।
मंत्रियों के काम करने का तरीका और उठे विवाद
गौरतलब है कि राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने के लिए लगातार अलग-अलग इलाकों का दौरा करती रही हैं। कभी अवैध पार्किंग पर नाराजगी जताना तो कभी सड़कों को सुंदर बनाने के सुझाव देना उनकी दिनचर्या में शामिल रहा है। इस दौरान उन्हें कई बार सराहना भी मिली लेकिन कुछ मामलों में विवाद भी खड़े हो गए। हाल ही में एक महिला द्वारा सड़क किनारे बच्चे का दूध गर्म करने पर मंत्री द्वारा आपत्ति जताए जाने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। हालांकि मंत्री ने बाद में सफाई दी थी कि इस तरह खुले में आग जलाने से हादसे का खतरा बढ़ सकता है जिस पर बाद में मुख्यमंत्री को भी दखल देना पड़ा था।
इसी तरह, दुकानों के सामने साइकिल खड़ी करने या फुटपाथ के इस्तेमाल को लेकर दिए गए उनके बयान भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्री कोलकाता से लेकर जिलों तक के अस्पतालों का लगातार दौरा कर रहे हैं और व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। हालांकि इन दौरों के दौरान सामने आए विभिन्न विवादित बयानों और चर्चाओं के मद्देनजर ही गुरुवार को मुख्यमंत्री की ओर से यह कड़ी हिदायत दी गई है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

