जादवपुर में टीएमसी पर हमलों के खिलाफ मुकुंदपुर में विरोध मार्च, जमकर हुआ हंगामा

जादवपुर में तृणमूल पर हमलों के खिलाफ मुकुंदपुर में निकाले गए विरोध मार्च के दौरान प्रियंका अधिकारी और उपासना चौधरी पर फिर हुआ हमला। बीजेपी पर लगे गंभीर आरोप।
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सड़कों पर उतरे टीएमसी समर्थक
जादवपुर के विभिन्न इलाकों में तृणमूल कांग्रेस पर लगातार हो रहे हमलों के सीधे आरोप भारतीय जनता पार्टी पर लगाए जा रहे हैं। इन घटनाओं के विरोध में मुकुंदपुर में तृणमूल नेतृत्व की ओर से एक विरोध मार्च निकाला गया। लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर हिंसा भड़क उठी जिसमें तृणमूल की कई महिला नेत्रियों और कार्यकर्ताओं पर हमले की खबर सामने आई है।
मुकुंदपुर में निकला विरोध मार्च
जादवपुर क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं और दफ्तरों पर कथित हमलों के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने मुकुंदपुर इलाके में एक जोरदार विरोध जुलूस निकाला। इस मार्च का उद्देश्य विपक्षी दल (भाजपा) के खिलाफ अपना कड़ा रोष जताना और पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की मांग करना था। कालीघाट के तृणमूल नेतृत्व के निर्देश और मार्गदर्शन में इस प्रदर्शन में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान फिर भड़की हिंसा, नेत्रियों पर हमला
हालाँकि, यह विरोध मार्च उस समय तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शन के बीच में ही फिर से झड़प और हमले की घटना सामने आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विरोध मार्च के दौरान तृणमूल की जानी-मानी नेत्रियों उपासना चौधरी और प्रियंका अधिकारी समेत कई अन्य स्थानीय नेता और कार्यकर्ता कथित तौर पर हमलों का शिकार हो गए। अचानक हुई इस हिंसा से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
राजनीतिक सरगर्मी और तनाव
एक तरफ जादवपुर में पार्टी पर हमले और दूसरी तरफ विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं पर दोबारा हमले की इन घटनाओं ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है। तृणमूल नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस दूसरी बार हुई हिंसा के बाद से मुकुंदपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल
एडिट: शिंकी सिंह

