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सुंदरबन में मची खलबली, कैनिंग में जाल में फंसा मगरमच्छ तो रायदिघी जेटीघाट पर दिखा खूंखार जीव

सुंदरबन में मची खलबली, कैनिंग में जाल में फंसा मगरमच्छ तो रायदिघी जेटीघाट पर दिखा खूंखार जीव
Sundarban Crocodile: सुंदरबन के कैनिंग में मछुआरे के जाल में फंसा मगरमच्छ और रायदिघी जेटीघाट पर दिखा खूंखार जीव। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में मची दहशत।

सुंदरबन के कैनिंग में मछुआरे के जाल में फंसा मगरमच्छ और रायदिघी जेटीघाट पर दिखा खूंखार जीव। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में मची दहशत।

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Shinki Singh
Shinki Singh
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दहशत में लोग, प्रशासन ने दी सतर्क और सावधान रहने की हिदायत

सुंदरबन के जलमार्गों में इन दिनों मगरमच्छों की आवाजाही ने स्थानीय लोगों और मछुआरों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ घंटों में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक तरफ जहाँ मछुआरों के जाल में भारी-भरकम मगरमच्छ फंस गया, वहीं दूसरी ओर व्यस्त जेटीघाट के पास मगरमच्छ देखे जाने से आम नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है।

 मछली समझकर खींचा जाल अंदर से निकला मगरमच्छ

बीती रात कैनिंग के गोलबाड़ी इलाके में मजूमदार व अन्य स्थानीय मछुआरे नदी में मछली पकड़ने गए थे। उन्होंने जैसे ही भारी जाल को महसूस किया उन्हें लगा कि कोई बड़ी और कीमती मछली उनके हाथ लगी है। उत्साह के साथ जब उन्होंने जाल खींचना शुरू किया तो उनके होश उड़ गए। मछली की जगह जाल के भीतर एक जीवित मगरमच्छ तड़प रहा था। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और मछुआरों में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी सूचना कैनिंग वन विभाग को दी गई। खबर मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई और रातों-रात मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर अपने कब्जे में ले लिया।

रायदिघी में जेटीघाट पर मगरमच्छ की दस्तक से यात्रियों की अटकी सांसें

कैनिंग की घटना की दहशत अभी कम भी नहीं हुई थी कि आज सुबह रायदिघी से एक और खतरनाक खबर सामने आ गई। स्थानीय लोगों ने मणि नदी के जेटीघाट के पास अचानक एक मगरमच्छ को तैरते हुए देखा। यह जेटीघाट इलाके का सबसे व्यस्त आवागमन केंद्र माना जाता है जहा से हर रोज हजारों यात्री नावों के जरिए अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। ऐसे घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाके के पास मगरमच्छ के प्रकट होने से यात्रियों और दैनिक जात्रा करने वालों में जबरदस्त डर बैठ गया है। लोग अब जेटीघाट पर खड़े होने से भी कतरा रहे हैं।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

एक तरफ मछुआरों के जाल में मगरमच्छ का कैद होना और दूसरी तरफ जेटीघाट के पास उसकी मौजूदगी इन दोनों घटनाओं ने सुंदरबन के नदी-नालों और जलमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने सुंदरबन क्षेत्र की नदियों में उतरने, कपड़े धोने या नावों से सफर करने वाले सभी लोगों को बेहद सतर्क और सावधान रहने की कड़ी हिदायत दी है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

एडिट: शिंकी सिंह

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।