नागपुर के कई निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित कर्मचारियों से इलाज कराने के आरोप, मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल

Nagpur private hospitals untrained nursing staff patient safety: नागपुर के कई निजी अस्पतालों में बिना प्रशिक्षित कर्मचारियों से नर्सिंग का काम कराने के आरोप सामने आए हैं। एक मरीज ने भी निजी अस्पताल का अपना अनुभव साझा किया है। यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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मरीजों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
Nagpur private hospitals untrained nursing staff patient safety: नागपुर के कई निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित और पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ की जगह अप्रशिक्षित कर्मचारियों से नर्सिंग का काम कराए जाने की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। मरीजों की सुरक्षा को लेकर इस मामले ने चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, कई अस्पताल प्रशिक्षित नर्सों और मेल नर्स (ब्रदर) को 20 से 35 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बजाय सामान्य शिक्षित लोगों को महज 8 से 12 हजार रुपये में रख रहे हैं। इन्हें अस्पताल में सीमित व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर सलाईन चढ़ाने, इंजेक्शन लगाने और अन्य बुनियादी चिकित्सा प्रक्रियाएं कराई जा रही हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि ये कार्य केवल प्रशिक्षित और पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ को ही करने चाहिए, क्योंकि मामूली लापरवाही भी मरीज की जान के लिए खतरनाक हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग
रवि नगर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में किडनी स्टोन के इलाज के लिए भर्ती हुए एक मरीज ने अपना अनुभव साझा किया। उसने बताया कि वहां तैनात नर्सें केवल बारहवीं कक्षा तक शिक्षित थीं और उनके पास कोई औपचारिक नर्सिंग प्रशिक्षण नहीं था। इतना ही नहीं, रक्त का नमूना लेने आया व्यक्ति उसी अस्पताल में पार्ट-टाइम सुरक्षा गार्ड भी था और लैब में भी सेवाएं दे रहा था।
यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अस्पतालों में चिकित्सा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित नियामक संस्थाओं से मांग की जा रही है कि वे इन मामलों की निष्पक्ष जांच करें और सुनिश्चित करें कि अस्पतालों में केवल प्रशिक्षित एवं अधिकृत स्टाफ ही मरीजों की देखभाल करे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

