Nagpur News: दीक्षाभूमि प्रबंधन को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी

Deekshabhoomi Management Dispute Nagpur: नागपुर की दीक्षाभूमि के प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आया है। भदंत सुरेई ससाई ने आरोप लगाया कि कुछ लोग ट्रस्ट के प्रबंधन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने डॉ. राजेंद्र गवई और विलास गजघाटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने तथा लोगों से केवल अधिकृत जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
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दीक्षाभूमि प्रबंधन विवाद पर समिति का पक्ष
Deekshabhoomi Management Dispute Nagpur: नागपुर। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने आरोप लगाया है कि दीक्षाभूमि स्मारक समिति के संबंध में झूठी और भ्रामक जानकारी सार्वजनिक रूप से फैलाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए डॉ. राजेंद्र गवई और विलास गजघाटे के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
भदंत ससाई ने कहा कि कुछ लोग दीक्षाभूमि के प्रबंधन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे समाज में भ्रम फैल रहा है और धम्म अनुयायियों में रोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से दीक्षाभूमि की प्रतिष्ठा के साथ-साथ पूरे समाज की छवि प्रभावित हो रही है।
गवई का नाम अभिलेखों में दर्ज नहीं
भदंत ससाई ने बताया कि धर्मादाय आयुक्त कार्यालय के अभिलेखों में डॉ. राजेंद्र गवई का नाम सचिव के रूप में कहीं दर्ज नहीं है। उपधर्मादाय आयुक्त के आदेश के अनुसार केवल कार्यालय में विधिवत दर्ज सदस्य ही समिति का प्रबंधन कर सकते हैं। इसके बावजूद डॉ. गवई स्वयं को सचिव बताकर अधिकृत अभिलेखों और आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस संबंध में संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
भदंत ससाई ने यह भी स्पष्ट किया कि विलास गजघाटे की ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उन्हें अध्यक्ष बताकर की जा रही प्रचार-प्रसार पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। गजघाटे के विरुद्ध उनकी कथित अवैध गतिविधियों को लेकर सक्षम न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मामले में पुलिस और न्यायालय दोनों स्तरों पर कार्रवाई जारी है। आगे की कानूनी कार्यवाही पर सभी की नजर रहेगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

